मध्य प्रदेश
तमाम कोशिशों के बाद भी जनता को 'मोहने' में नाकाम रहे मोहन यादव 'अभिनंदन' और जोरदार 'तालियां' बजवाने से नहीं भरा जनता का मन
साल 2023 में जब शिवराज सिंह चौहान को हटा कर भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने मोहन यादव को सीएम बनाया तो लगा कुछ नया देखने को मिलेगा लेकिन इतना नया देखने ...
• Oct 28, 2026• 3 min read

📷 Cover Photo: तमाम कोशिशों के बाद भी जनता को 'मोहने' में नाकाम रहे मोहन या
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साल 2023 में जब शिवराज सिंह चौहान को हटा कर भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने मोहन यादव को सीएम बनाया तो लगा कुछ नया देखने को मिलेगा लेकिन इतना नया देखने को मिलेगा प्रदेश की जनता ने उसकी उम्मीद भी नहीं की थी। आज सरकार की स्थिति ये है कि सिर्फ सीएम मोहन यादव खुश हैं बांकी न सरकार के मंत्री खुश हैं, न संगठन,न कार्यकर्ता और न ही प्रदेश की जनता। सीएम को लगता है जोरदार ताली बजवाने और 'अभिनंदन' करने से प्रदेश की जनता खुश हो जाएगी और सीएम मोहन यादव ऐसा सोचते हैं तो वो पूरी तरह से गलत हैं। जनता को काम चाहिए युवाओं को रोजगार चाहिए जो सिर्फ घोषणाओं में मिलते हैं जिनका हकीकत से कोई सरोकार नहीं है। लाशों के ढेर पर खड़ी प्रदेश की सरकार क्राइम रोक पाने में पूरी तरह नाकाम है। NCRB के आंकड़ों के मुताबिक क्राइम रेट में एमपी तीसरे नंबर पर मौजूद है। कुपोषण के मामले में एमपी देश की राजधानी बन चुकी है जिसकी बानगी हाल ही में बालाघाट जिले में देखने को मिली है। जहरीली शराब पीकर मरने वालों की भी एमपी में संख्या बढ़ती जा रही है। ताज़ा मामला सागर और देवास का है जहां शराब के कारण कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। छिंदवाड़ा का जहरीला सिरप कांड,जबलपुर बरगी डैम में कई लोग मरे,इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से कई लोगों की मौत हो गई और सीएम ताली 'बजवाने-अभिनंदन' करवाने में व्यस्त रहे। सरकार में काम करने वाले प्रत्येक मंत्री सीएम से नाराज चल रहे हैं। किसी भी मंत्री के पास इतना भी अधिकार नहीं है कि वो अपने विभाग में एक प्यून का भी तबादला कर सकें। पोर्ट पोलियो के लिए मंत्री बनाए गए लेकिन उनके हाथ में करने के लिए कुछ नहीं है। जब मंत्रियों के पास कार्यकर्ता जाते हैं तो उन्हें एक ही जवाब मिलता है कि उनके हाथ में अधिकार नहीं वो कैसे काम करें। मजे की बात यह है कि इन सारी बातों से केन्द्रीय नेतृत्व भी अनभिज्ञ नहीं है लेकिन उन्हें यह मालूम है कि सरकार बनाने का फार्मूला उनके पास है। अभी लाड़ली बहनों को 1500 दे रहे हैं चुनाव आएगा तो तीन हजार खाते में डाल देंगे और चुनाव जीतने के बाद पांच हजार की घोषणा कर दी जाएगी। ऐसा करके 150 के आंकड़े को भाजपा फिर पार कर लेगी। मतलब सरकार बनाने से है न कि जनता की समस्याएं दूर करने से। तब तक ताली बजाइए जोरदार अभिनंदन कीजिए क्योंकि सरकार भाजपा की ही बननी है।
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