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मध्य प्रदेश

ये सौजन्य मुलाकात कम 'मामा' को 'फुफा' बनने से रोकने की प्रक्रिया ज्यादा थी क्योंकि केन्द्रीय मंत्री चाहते थे कोर-ग्रुप की बैठक प्रदेश कार्यालय में हो

मध्य प्रदेश की सत्ता और संगठन में चल रही आपसी खींचतान अब पर्दे के बाहर आने लगी है। सोमवार को सीएम हाउस में बीजेपी कोर-ग्रुप की बैठक आयोजित की गई थी

• Oct 28, 2026• 2 min read
ये सौजन्य मुलाकात कम 'मामा' को 'फुफा' बनने से रोकने की प्रक्रिया ज्यादा थी क्योंकि केन्द्रीय मंत्री चाहते थे कोर-ग्रुप की बैठक प्रदेश कार्यालय में हो

📷 Cover Photo: ये सौजन्य मुलाकात कम 'मामा' को 'फुफा' बनने से रोकने की प्रक्

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मध्य प्रदेश की सत्ता और संगठन में चल रही आपसी खींचतान अब पर्दे के बाहर आने लगी है। सोमवार को सीएम हाउस में बीजेपी कोर-ग्रुप की बैठक आयोजित की गई थी। उसके पहले प्रदेश प्रभारी विप्लव देव अचानक केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के निवास पर पहुंच गए। निवास पर आए मेहमान का पूर्व सीएम शिवराज ने भी जमकर स्वागत सत्कार किया। तस्वीरें जब सामने आई तो बताया गया कि यह सौजन्य मुलाकात थी लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर थी। दरअसल कोर-ग्रुप की बैठक सीएम हाउस में रखी गई थी और पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान सीएम हाउस जाना नहीं चाहते थे। अब शिवराज की अनुपस्थिति में अगर कोर ग्रुप की बैठक आयोजित होती तो रही सही पोल भी खुल जाती। फैसला तो यहां तक किया गया कि पूर्व सीएम को कोर-ग्रुप से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाए लेकिन इस बात की हिम्मत नहीं जुटा पाई। आखिर में तय हुआ कि एक बार प्रदेश प्रभारी को केन्द्रीय मंत्री के निवास जाकर उनसे बात करनी चाहिए। फिर क्या था। प्रदेश प्रभारी विप्लव देव पूर्व सीएम के निवास पर पहुंचे और फिर मनाने की प्रक्रिया शुरु हुई। अंत में मामा को यह बता दिया गया कि वक्त बदल चुका है। प्रदेश के सीएम बदल चुके हैं और अब आप सीएम से केन्द्रीय मंत्री की कुर्सी में बैठ चुके हैं। जो प्राप्त है उसे पर्याप्त मान कर चलिए। मामा हैं तो मामा बन कर रहिए फुफा बनने की कोशिश मत कीजिए। बात की गंभीरता को पूर्व सीएम ने भी तुरंत भांप लिया और फिर कोर-ग्रुप की बैठक के लिए वो निकल पड़े। मुखबिर में कोर ग्रुप की वो खबर भी प्रकाशित हुई थी जिसमें पूर्व सीएम का नाराज चेहरा साफ दिख रहा था। गौरतलब है कि बुदनी में कुछ आदिवासियों के मकान तोड़े गए थे जिनके समर्थन में पूर्व सीएम ने रात भर धरना देकर अपनी ही सरकार के खिलाफ जम कर मोर्चा खोला था और मामले की शिकायत दिल्ली तक पहुंची थी। आखिर में केन्द्रीय नेतृत्व के दखल देने पर मामला शांत हुआ था लेकिन मामा के दिल में लगे घाव अब तक नहीं सूखे हैं जिस पर प्रदेश प्रभारी विप्लव देव ने मरहम लगाने का प्रयास किया है।

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