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मध्य प्रदेश

बीजेपी कोर-ग्रुप में 'बेगानी शादी में अब्दुल्ला' दीवाना जैसे बैठे रहे नेता और दिल्ली से नाम नहीं मांगने के बाद भी पांच नामों का पैनल राज्यसभा के लिए भेजा बात हजम नहीं हुई

भारतीय जनता पार्टी की कहानी भी गजब है। सोमवार को सीएम हाउस में हुई कोर-ग्रुप की बैठक में राज्यसभा की सीट पर नाम फायनल किया गया है

• Oct 27, 2026• 3 min read
बीजेपी कोर-ग्रुप में 'बेगानी शादी में अब्दुल्ला' दीवाना जैसे बैठे रहे नेता और दिल्ली से नाम नहीं मांगने के बाद भी पांच नामों का पैनल राज्यसभा के लिए भेजा बात हजम नहीं हुई

📷 Cover Photo: बीजेपी कोर-ग्रुप में 'बेगानी शादी में अब्दुल्ला' दीवाना जैसे

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भारतीय जनता पार्टी की कहानी भी गजब है। सोमवार को सीएम हाउस में हुई कोर-ग्रुप की बैठक में राज्यसभा की सीट पर नाम फायनल किया गया है। सवाल इस बात का उठता है कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने जब एमपी संगठन से नाम ही नहीं मांगा राष्ट्रीय नेतृत्व को अपना ही उम्मीदवार एमपी में थोपना है तो फिर कोर-ग्रुप की बैठक में नाम कैसे फायनल हो गया। मुखबिरों से मिली जानकारी के अनुसार दक्षिण के किसी राज्य से उम्मीदवार तय किया जाना है जिसमें 'वनथी श्रीनिवासन' चर्चाओं में भी है। श्रीनिवासन तमिलनाडु में पूर्व में विधायक रह चुकी हैं और भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुकी हैं। अगर मुखबिरों की खबर सही है तो फिर कोर ग्रुप की बैठक में किन पांच नामों का पैनल बना कर भेजा गया है। खबर भी यही है कि कोर-ग्रुप की यह बैठक राज्यसभा उम्मीदवार के चयन के लिए ही बुलाई गई थी। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश भाजपा का एक ऐसा अभेद्य किला है जहां कि जनता विधानसभा और लोकसभा सभी चुनावों में भाजपा को झोली भर कर सीटें देती है। एमपी बीजेपी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी अपनी मेहनत से पीछे नहीं हटते हैं। हाल ही में चलाए गए सेवा संकल्प अभियान में भी एमपी बीजेपी देश में टाप पर रहा है। लेकिन जब फ्री में किसी को बड़ा पद देने की बात आती है तो उसके लिए दक्षिणी राज्यों के नेताओं को मौका दे दिया जाता है और एमपी बीजेपी के नेता एक दूसरे का मुंह ही ताकते रह जाते हैं। सीएम हाउस में हुई बैठक में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा था। दरअसल कोर ग्रुप में जितने भी सदस्य बैठे थे वो सभी नाखुश हैं। कैलाश विजयवर्गीय हों अथवा प्रहलाद पटेल ऐसा कोई भी एक नाम जिसकी सरकार में चल रही हो जो एक नाम सुझा दें और उस पर मुहर लग जाए। महज औपचारिकता बनी इस बैठक में जितने भी सदस्य बैठे थे वो सभी बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाने जैसे लग रहे थे। कोर ग्रुप की जारी तस्वीर में किसी भी नेता के चेहरे में खुशहाली नहीं दिख रही थी। ऐसा लग रहा था कि सभी नेताओं को जबरन बुला कर आमने- सामने बैठने की सजा सुनाई गई हो। गौरतलब है कि कैलाश विजयवर्गीय हों,प्रहलाद पटेल हों,वीडी शर्मा हों या अन्य कोई भी नेता जितने इस बैठक में दिख रहे हैं उन किसी भी नेताओं की सरकार में चल नहीं रही सिर्फ मंत्रालय की शोभा बढ़ाने के लिए इन्हें रखा गया है। यही कारण है कि इन नेताओं में कोई भी सीएम से खुश नहीं हैं और उसकी गवाही खुद तस्वीर दे रही है। इस 'हार्ड' कोर-ग्रुप की बैठक में लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ अभियान को लेकर भी चर्चा हुई। जबलपुर और इंदौर में बड़ी रैली निकाल कर कांग्रेस को करारा जवाब भी देने की योजना बनाई गई है।

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