Breaking
Stay connected for the latest news and exclusive updates...
मध्य प्रदेश

'मामा से फुफा' बने केन्द्रीय मंत्री ने सीएम मोहन यादव से नहीं मिलाई नजर बैठक में दिखी दोनों नेताओं के बीच नाराजगी

मध्य प्रदेश की सियासत कैसे करवट बदलती है मामा कब नाराज फुफा बन जाते हैं उसकी गवाही कोर-ग्रुप से आई यह बैठक दे रही है। दरअसल सीएम मोहन यादव और शिवराज स...

• Oct 26, 2026• 3 min read
'मामा से फुफा' बने केन्द्रीय मंत्री ने सीएम मोहन यादव से नहीं मिलाई नजर बैठक में दिखी दोनों नेताओं के बीच नाराजगी

📷 Cover Photo: 'मामा से फुफा' बने केन्द्रीय मंत्री ने सीएम मोहन यादव से नही

ADVERTISEMENT
Font Size:
मध्य प्रदेश की सियासत कैसे करवट बदलती है मामा कब नाराज फुफा बन जाते हैं उसकी गवाही कोर-ग्रुप से आई यह बैठक दे रही है। दरअसल सीएम मोहन यादव और शिवराज सिंह के चौहान के बीच जो कुछ भी चल रहा है वो अब पर्दे के पीछे नहीं सब पर्दे के सामने है। दरअसल सोमवार को सीएम हाउस में बीजेपी कोर-ग्रुप की बैठक आयोजित की गई। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में हुई कोर-ग्रुप की बैठक में फैसले संगठन के लिए होने थे लेकिन विवाद आपसी वर्चस्व का देखने को मिल रहा था। इस बैठक में पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान भी शामिल हुए। तस्वीर में आप देख सकते हैं कि प्रदेश प्रभारी विप्लव देव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल फ्रंट सीट पर बैठे हैं। विप्लव देव के बगल में पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान (मामा) बैठे हैं और प्रदेश अध्यक्ष के बगल में सीएम मोहन यादव खुद बैठे हैं। दोनों नेताओं के बीच सिर्फ दो पदाधिकारियों की दूरी है लेकिन संबंधों में आई दरार यह बताने के लिए काफी है कि यहां फासला सिर्फ कुर्सियों का नहीं बल्कि पावर और वर्चस्व का है। गौरतलब है कि वन विभाग की तरफ से कुछ दिन पहले आदिवासियों के मकान तोड़े गए थे जिसके समर्थन में पूर्व सीएम आए शिवराज सिंह चौहान ने अपनी ही सरकार के विरोध में रात भर धरना प्रदर्शन कर सरकार और प्रशासन के खिलाफ जम कर भड़ास निकाली थी। उस भड़ास की लपटें दिल्ली तक पहुंची और उनकी परेड भी हुई। इस प्रदर्शन से और किसी का तो नुकसान नहीं हुआ उल्टे पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान की जो लुकी छिपी इज्जत थी वो भी तार-तार हो गई। कार्यकर्ताओं के मन में मामा के प्रति जो सम्मान था वो पूरी तरह से ध्वस्त हो गया। इस बैठक के दौरान शिवराज सिंह चौहान का चेहरा देखते ही बन रहा था। चेहरे पर उनकी नाराजगी साफ दिख रही थी। सीएम मोहन यादव तो जम कर खिलखिला रहे थे लेकिन उनकी खिलखिलाहट दूसरे नेता के कलेजे में सांप बन कर रेंग रही थी। आखिर शिव भी कितना जहर पिएंगे। उस जहर का असर अब चेहरे पर दिखने लगा है और बैठकें के दौरान अन्य नेताओं ने भी महसूस किया है।

Reader Reactions

What is your reaction to this story?
ADVERTISEMENT
📢 Share this story with friends & WhatsApp groups:

Reader Discussion & Comments (0)

Moderated Comments

Leave a Comment

Loading comments...
ADVERTISEMENT