Breaking
Stay connected for the latest news and exclusive updates...
मध्य प्रदेश

रीवा में कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा राजेंद्र शुक्ला लें मौत की नैतिक जिम्मेदारी पद से दें इस्तीफा

रीवा में चल रहे न्याय सत्याग्रह में गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी शामिल हुए। यह सत्याग्रह आदिवासी समाज के 30 बच्चों की मौत के मामले म...

Sep 11, 2026 2 min read
रीवा में कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा राजेंद्र शुक्ला लें मौत की नैतिक जिम्मेदारी पद से दें इस्तीफा

📷 Cover Photo: रीवा में कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा राजेंद्र शुक्ला

ADVERTISEMENT
Font Size:
रीवा में चल रहे न्याय सत्याग्रह में गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी शामिल हुए। यह सत्याग्रह आदिवासी समाज के 30 बच्चों की मौत के मामले में न्याय और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर विधायक विक्रांत भूरिया के नेतृत्व में चल रहा है।

इस दौरान जीतू पटवारी ने सरकार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि रीवा से उठ रही यह आवाज अब पूरे प्रदेश की आवाज बन रही है। न्याय की लड़ाई को दबाया नहीं जा सकता।

कल्पना मिश्रा केस में सरकार को घेरा

पटवारी ने कहा कि रीवा की कल्पना मिश्रा ने ICU से बाहर आकर अपनी हत्या की आशंका जताई थी और बाद में उनकी हत्या हो गई। उनके पिता राम शिरोमणि आज न्याय के लिए धरने पर बैठे हैं। सरकार बताए कि उन्हें न्याय कब मिलेगा?

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल है।
- 30 मासूम आदिवासी बच्चों की मौत
- जहरीले कफ सिरप से 26 बच्चों की मौत
- इंदौर के MY अस्पताल में नवजातों को चूहों द्वारा कुतरे जाने की घटना

उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला पर निशाना साधते हुए कहा कि 20 साल से मंत्री पद पर रहने के बाद भी अगर नैतिक जिम्मेदारी तय नहीं होती, तो इस्तीफा देना चाहिए।

सागर शराब कांड और रोजगार पर भी वार

पटवारी ने सागर की जहरीली शराब त्रासदी का जिक्र करते हुए कहा कि इस घटना ने कई परिवार उजाड़ दिए, 200 से ज्यादा बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। उन्होंने आरोप लगाया कि शराब ठेकों और डिस्टिलरी कारोबार में सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों की हिस्सेदारी के आरोप हैं, सरकार स्थिति स्पष्ट करे।

उन्होंने कहा कि 25 साल के भाजपा शासन के बाद भी विंध्य का युवा रोजगार के लिए पलायन को मजबूर है। आउटसोर्सिंग व्यवस्था को योग्य युवाओं को रोजगार देने के बजाय कार्यकर्ताओं को काम देने और भ्रष्टाचार का माध्यम बना दिया गया है। इसका असर संजय गांधी अस्पताल जैसी संस्थाओं पर भी दिख रहा है।

पटवारी ने कहा - "जिस तरह दतिया की जनता ने बदलाव का रास्ता चुना, उसी तरह रीवा की जनता भी सरकार की अकर्मण्यता को नकारेगी। विक्रांत भूरिया के नेतृत्व में यह शांतिपूर्ण न्याय सत्याग्रह जारी रहेगा।"

Reader Reactions

What is your reaction to this story?
ADVERTISEMENT
📢 Share this story with friends & WhatsApp groups:

Reader Discussion & Comments (0)

Moderated Comments

Leave a Comment

Loading comments...
ADVERTISEMENT