मध्य प्रदेश
जिस प्रकार बिच्छू का स्वभाव डंक मारना है ठीक उसी प्रकार 'विभीषण' का काम इधर की बात उधर करना और अ-स्थिरता का माहौल बनाना
विभीषण रामायण के एक ऐसे पात्र हैं जिन्होंने धर्म के लिए भाई का साथ छोड़ भगवान राम का दामन थामा था लेकिन कलयुग में उनके नाम की अलग-अलग व्याख्या होती है...
• Oct 15, 2026• 3 min read

📷 Cover Photo: जिस प्रकार बिच्छू का स्वभाव डंक मारना है ठीक उसी प्रकार 'विभ
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विभीषण रामायण के एक ऐसे पात्र हैं जिन्होंने धर्म के लिए भाई का साथ छोड़ भगवान राम का दामन थामा था लेकिन कलयुग में उनके नाम की अलग-अलग व्याख्या होती है। ठीक उसी प्रकार बिच्छू को कितना भी प्यार करो लेकिन वो डंक ही मारता है। क्योंकि डंक मारना उसका स्वभाव है। बीजेपी में भी एक ऐसा ही विभीषण रुपी बिच्छू है जो बात तो प्यार से करता है लेकिन मौका मिलते ही डंक मारने से परहेज नहीं करता। भाजपा का प्रत्येक पदाधिकारी और कार्यकर्ता आज उस विभीषण से परेशान है। हकीकत तो यह है कि प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी उस विभीषण की सच्चाई जान चुके हैं लेकिन अब वो कुछ कर नहीं सकते। उन्हें इस बात का पूरी तरह से अहसास है कि सत्ता और संगठन के बीच अस्थिरता का जो माहौल है वो सिर्फ विभीषण के कारण है। क्योंकि ये विभीषण पहले से ही पता करके रखता है कि कार्यालय में कब और कौन सा नेता पहुंचने वाला है। इस विभीषण ने प्रदेश कार्यालय में अपने जूनियर विभीषणों को तैनात कर रखा है जो प्रदेश कार्यालय में होने वाली छोटी बड़ी गतिविधियों की जानकारी उसे देते रहते हैं और वो उसके आधार पर ही अपनी योजना को अमली जामा पहनाने का काम करता है। प्रदेश कार्यालय में आने वाले प्रत्येक पदाधिकारी विभीषण की गिरफ्त में होते हैं। उन्हें लाना-छोड़ना सारा काम विभीषण ही करता है। रास्ते में ही वो अपनी गोटियां फिट कर लेता है। जो भी पदाधिकारी आते हैं उनसे वो ऐसे मीठी-मीठी बातें करता है जिससे यह लगता है कि एमपी में उनका उससे बड़ा कोई हितैषी नहीं है। बाहर से आने वाले पदाधिकारियों का विश्वास जीतते ही विभीषण अपनी गोटियां बैठाने लगता है। इस विभीषण गीरी का कमाल यह है कि विभीषण ने करीब तीन साल में अपना साम्राज्य खड़ा कर लिया है जो भाजपा नेताओं की नजर में है लेकिन वो जान कर भी कुछ नहीं कर सकते क्योंकि वो भाजपा का ही नेता है और एक सम्मानित पद पर मौजूद है। इसी लिए भाजपा का कोई भी पदाधिकारी और कार्यकर्ता सबकुछ जान कर भी अनजान बना रहता है। मुखबिर से जुड़े रहिए आगे चल कर विभीषण के बढ़ते साम्राज्य के बारे में बतौर सबूत जानकारी साझा की जाएगी।
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