मध्य प्रदेश
बीजेपी कार्यालय प्रभारी और प्रदेश मीडिया प्रभारी पर भाजपा में अंतरद्वंद की स्थिति
मध्य प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रभारी की नियुक्ति अब तक नहीं हुई है। कार्यकारी के तौर पर प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेन्द्र बरुआ यह जिम्मेदारी संभाल रहे हैं
• Sep 4, 2026• 3 min read

📷 Cover Photo: बीजेपी कार्यालय प्रभारी और प्रदेश मीडिया प्रभारी पर भाजपा मे
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मध्य प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रभारी की नियुक्ति अब तक नहीं हुई है। कार्यकारी के तौर पर प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेन्द्र बरुआ यह जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ठीक उसी प्रकार प्रदेश मीडिया प्रभारी की नियुक्ति भी भाजपा अब तक नहीं पर पाई है। भाजपा मीडिया विभाग की टीम इस वक्त बगैर नेतृत्वकर्ता के ही आगे बढ़ रही है। हांलांकि पूर्व मीडिया प्रभारी वर्चुअली अपनी जिम्मेदारी को निभा रहे हैं लेकिन हकीकत तो यही है कि एमपी बीजेपी में अब तक प्रदेश मीडिया प्रभारी की नियुक्ति नहीं हुई है। ओरछा में प्रदेश कार्यसमिति का आयोजन हुआ तो वहां पर आशीष अग्रवाल मौजूद थे उसके बाद भी कुछ ऐसे नेता नजर आए जो स्वंभू मीडिया प्रभारी का दायित्व संभालते नजर आए। मुखबिर को मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश कार्यालय प्रभारी को लेकर पार्टी में चर्चाओं का दौर तेज हो चुका है। पार्टी में कार्यालय प्रभारी पद को लेकर दावेदारों की एक लंबी कतार भी देखने को मिल रही है। प्रदेश अध्यक्ष से लेकर सीएम मोहन यादव तक नेता अपनी सिफारिशें पहुंचा रहा हैं तो कुछ नेता खुद ही अपनी पैरवी करते नजर आ रहे हैं। ठीक वही हाल बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी पद को लेकर भी है। जिसके लिए सैकड़ों दावेदार खड़े हो चुके हैं। कुछ दावेदार सह मीडिया प्रभारी हैं तो कुछ प्रदेश प्रवक्ता भी मीडिया प्रभारी का दायित्व संभालने के लिए कोशिशें कर रहे हैं। मीडिया विभाग से अलग भी कुछ नेता हैं जो प्रदेश मीडिया प्रभारी बनने का सपना संजो रहे हैं। हांलांकि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष इशारों-इशारों में कह चुके हैं कि मीडिया प्रभारी की नियुक्ति को लेकर वो जल्दबाजी में नहीं हैं। इससे यह साफ है कि प्रदेश अध्यक्ष को अब तक आशीष अग्रवाल का तोड़ नहीं मिल पाया है। क्योंकि आशीष अग्रवाल ने मीडिया प्रभारी रहते लाइन खींची है उससे बड़ी लाइन खींचना नए मीडिया प्रभारी के लिए बड़ी चुनौती होगा। यही कारण है कि आशीष अग्रवाल के राष्ट्रीय नेतृत्व में शामिल होने के बाद अब तक इस पद के लिए योग्य दावेदार नहीं मिल पाया है और पार्टी भी जल्दबाजी में नहीं दिख रही है। ठीक उसी प्रकार पूर्व में भगवानदास सबनानी कार्यालय प्रभारी थे और उन्होंने जिस प्रकार से अपनी भूमिका को निभाया है उस प्रकार का एक नेता भाजपा को चाहिए जिसे संगठन की अच्छी जानकारी हो और पार्टी द्वारा दिए गए प्रत्येक टास्क को पूरा करने में माहिर हो। फिलहाल पार्टी के पास दावेदारों की एक लंबी कतार है लेकिन नेतृत्व अब तक अपने आखिरी फैसले तक नहीं पहुंच पाया है जिसका मतलब साफ है कि अब तक पार्टी के पास योग्य उम्मीदवार नहीं पहुंचे हैं।
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