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मध्य प्रदेश

भाजपा के अंदर 'सुनामी' जैसे हालात अत्यधिक प्रयोगों से वरिष्ठों की उपेक्षा चुनाव में बनेगा समस्या

मध्य प्रदेश भाजपा एक अलग ही ट्रैक पर चल रही है। और जिस ट्रैक पर भाजपा सवार है उस ट्रैक से मंजिल पाना फिलहाल मुश्किल नजर आ रहा है

Sep 3, 2026 3 min read
भाजपा के अंदर 'सुनामी' जैसे हालात अत्यधिक प्रयोगों से वरिष्ठों की उपेक्षा चुनाव में बनेगा समस्या

📷 Cover Photo: भाजपा के अंदर 'सुनामी' जैसे हालात अत्यधिक प्रयोगों से वरिष्ठ

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मध्य प्रदेश भाजपा एक अलग ही ट्रैक पर चल रही है। और जिस ट्रैक पर भाजपा सवार है उस ट्रैक से मंजिल पाना फिलहाल मुश्किल नजर आ रहा है। दरअसल 2023 के बाद भाजपा में पीढ़ी परिवर्तन का दौर शुरु हुआ था जिसके कारण बड़े नेताओं को साइड लाइन कर दिया गया। ऐसे नेताओं को घर बैठाया गया जिन्होंने भाजपा को सत्ता के शिखर तक पहुंचाने का काम किया आज वही नेता भाजपा में उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं। तीन दिन पहले ओरछा में हुई भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता खुद को ठगा सा महसूस कर रहे थे। प्रदेश कार्यसमिति की जब बैठक चल रही थी उस दौरान भी वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा देखने को मिली। बिना प्रदेश संगठन महामंत्री के हुई प्रदेश कार्यसमिति में जूनियर नेता सीनियर बनने का प्रयास कर रहे थे और आलम यह था कि सीनियरों को बैठने के लिए कोई स्थान आरक्षित नहीं किया गया था। जिसकी जहां मर्जी आई वो वहीं बैठ गया जैसे किसी शादी में गया व्यक्ति सबसे पहले कुर्सी तलाश कर खुद के लिए स्थान आरक्षित कर लेता है ठीक उसी प्रकार भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति में भी सीनियरों के साथ देखने को मिला। जितने भी सीनियर नेता हैं वो दवी जुवां यही कहते नजर आते हैं कि जो हो रहा है वो किसी से छुपा नहीं है। सालों तक पार्टी में काम करने के बाद सीनियर नेताओं ने यहां तक कहा कि उनके पास कुछ काम ही नहीं है। न पद हैं और न ही संगठन ने कोई काम दिया है लिहाजा वो अपने से क्या काम करें। जिस प्रकार से भाजपा के वरिष्ठ नेता उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं वो पार्टी के अंदर आने वाली सुनामी के संकेत दे रहा है। वर्तमान नेतृत्व के प्रति पार्टी में एक लावा उबल रहा है जो 2028 में शैलाव का रुप ले सकता है। सारे नेता अपमान का घूंट पीकर समय का इंतजार कर रहे हैं। ऐसा पहली बार देखने को मिल रहा है जब उपेक्षा का शिकार हो रहे नेता धीरे-धीरे खुलने लगे हैं। क्योंकि अपमान की एक सीमा होती है और जिस दिन सहनें की शक्ति अपनी मर्यादा तोड़ेगी उस दिन भाजपा के अंदर सुनामी जैसे हालात निर्मित हो जाएंगे।

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