मध्य प्रदेश
भाजपा में 'चाटुकारिता' का पर्याय बना नेता प्रत्येक दिये में डालता है 'तेल' अन्य कार्यकर्ता होते हैं परेशान
राजनीति में सफलता का मापदंड ही चाटुकारिता से तय होता है। लेकिन प्रत्येक नेता की चाटुकारिता हर नेता को पसंद नहीं उसके बाद भाजपा में एक ऐसे नेता हैं जो ...
• Sep 13, 2026• 2 min read

📷 Cover Photo: भाजपा में 'चाटुकारिता' का पर्याय बना नेता प्रत्येक दिये में
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राजनीति में सफलता का मापदंड ही चाटुकारिता से तय होता है। लेकिन प्रत्येक नेता की चाटुकारिता हर नेता को पसंद नहीं उसके बाद भाजपा में एक ऐसे नेता हैं जो पार्टी के हरेक नेता की चाटुकारिता करता नजर आता है। सीएम हाउस से लेकर प्रदेश संगठन तक उसकी चाटुकारिता के किस्से सिर्फ मशहूर ही नहीं बल्कि प्रत्यक्ष आंखों से देखे भी जा सकते हैं। प्रदेश कार्यालय में जब कोई बड़ा पदाधिकारी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करने के लिए बैठता है तो वो नेता अचानक पहुंचता है और फिर अकेले में मुलाकात करता है। मुलाकात का आलम तब तक चलता रहता है जब तक अन्य कार्यकर्ता थक हार कर चला न जाए अथवा कार्यालय में बैठे पदाधिकारी खुद कार्यालय से न निकल जाएं। कुछ ऐसा ही आलम शनिवार को भी देखने को मिला जब प्रदेश पदाधिकारी महेन्द्र सिंह कार्यालय में मौजूद थे और अन्य कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहे थे उसी वक्त वो पदाधिकारी पहुंचा और तब तक नहीं गया जब तक खुद महेन्द्र सिंह कार्यालय से रवाना नहीं हुए। मजे की बात यह है कि बड़े नेताओं की चाटुकारिता से उसे कोई परहेज नहीं और जब अन्य कार्यकर्ता कार्यालय आते हैं तो वो चाहता है कि लोग उसकी भी ठीक उसी प्रकार से चाटुकारिता करें। उस नेता ने चाटुकारिता में इतनी प्रसिद्धि हासिल कर ली है कि अब तो पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता पीठ पीछे यही कहता नजर आता है कि इसकी चाटुकारिता और मनहूसियत के कारण पार्टी में अन्य कार्यकर्ता परेशान हो रहे हैं। ओरछा में हुई प्रदेश कार्यसमिति से लेकर प्रदेश कार्यालय की बैठकों में चाटुकारिता की पराकाष्ठा को पार करने वाले उस नेता को भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी भले पसंद कर रहे हों लेकिन पार्टी के कार्यकर्ताओं के आंखों की किरकिरी बन चुका वह नेता अब चाटुकारिता के सारे मापदंडों को पार कर रहा है। क्योंकि सीएम हाउस हो तो वो वहां पर मिलेगा। प्रदेश अध्यक्ष हैं तो वो वहां पर मिलेगा,प्रदेश प्रभारी हों तो वो वहां भी मिलेगा। चाटुकारिता की चलती फिरती पाठशाला बन चुके उस नेता ने चाटुकारिता की एक नई इबारत लिखने का काम किया है। जिससे अन्य कार्यकर्ताओं को प्रेरणा लेने की आवश्यकता है ताकि वो भी भविष्य में आगे बढ़ सकें।
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