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अब शासकीय कर्मचारियों की लगेगी लॉटरी,रक्षा बंधन के पहले होगा डीए के एरियर का भुगतान,कर्मचारियों को लंबे समय से था इंतजार

शासकीय कर्मचारियों के साथ धोखा,संगठनों का नहीं सुना पक्ष और सौंप दी रिपोर्ट,नाराज हो रहे कर्मचारी संगठन

शासकीय कर्मचारियों-अधिकारियों के तबादलों से हटेगा प्रतिबंध,15 दिन की मिलेगी मोहलत

शासकीय कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए सरकार का दोहरा रवैया,छोटे कर्मचारियों के लिए समय की पावंदी और अधिकारियों के लिए कोई नियम नहीं

शासकीय कर्मचारियों को कार्यलयीन समय पर उपस्थित रहने के मिले सख्त निर्देश

शासकीय कर्मचारियों के खाते में पहली तारीख को आएगी सैलिरी,सरकार के शख्त निर्देश

शासकीय सेवकों पर सख्ती की तैयारी,मोबाइल एप से जियो अटेंडेंस करनी होगी दर्ज,शिकायतों के बाद सख्त हुई सरकार

शासकीय कर्मचारियों ने चुनाव में ड्यूटी की लेकिन नहीं मिला मानदेय,भटकने के लिए मजबूर कर्मचारी

शासकीय कर्मचारी बढ़ाएंगे भाजपा की टेंशन,गुप्त रुप से चल रही लाविंग,4% डीए की मोहन सरकार ने नहीं ली गारंटी
लोकसभा का चुनाव प्रचार पूरे शबाब पर है। मोदी के चेहरे पर भाजपा के नेता लगातार चुनाव प्रचार कर रहे हैं। लेकिन एमपी सरकार (mp government) ने जिस प्रकार से शासकीय कर्मचारियों (government employees) को तड़पा-तड़पा कर चार फीसदी डीए दिया है उससे प्रदेश के शासकीय कर्मचारी खासे नाराज हैं। प्रदेश की मोहन सरकार के चार फीसदी डीए देने के बाद भी राज्य सरकार के कर्मचारी केन्द्रीय कर्मचारियों की तुलना में उनसे चार फीसदी डीए कम पा रहे हैं। वर्तमान में राज्य के शासकीय कर्मचारी 46 प्रतिशत के हिसाब से डीए पा रहे हैं तो वहीं केन्द्रीय कर्मचारी 50% के हिसाब से मंहगाई भत्ता पा रहे हैं। मतलब हर कर्मचारी को हर महीने में चार से पांच हजार रुपये का नुकसान हो रहा है। ऐसे में मोदी की गारंटी पर शासकीय कर्मचारी किस प्रकार से विश्वास कर आएंगे। Mukhbirmp.com की टीम ने प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों के संगठनों से संपर्क किया तो चुनाव आचार संहिता के चलते उन्होने खुल कर तो नहीं बोला लेकिन नाम न छापने की शर्त पर कहा कि जिस प्रकार से राज्य सरकार उनकी उपेक्षा कर रही है उससे सभी शासकीय कर्मचारियों में भाजपा सरकार के प्रति काफी नाराजगी है। और वो नाराजगी कहीं न कहीं तो दिखेगी और चुनाव से बेहतर कोई और प्लेटफार्म नहीं हो सकता। गौरतलब है कि जिस प्रकार से भाजपा प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटें जीतने का दावा कर रही है उसमें अगर प्रदेश के साढ़े सात लाख से ज्यादा शासकीय सेवकों ने कहीं भाजपा से किनारा किया तो उसमें भाजपा की उम्मीदों पर पानी फिर सकता है। प्रदेश की मोहन सरकार ने चुनाव आचार संहिता लगने के ठीक दो दिन पहले राज्य के शासकीय कर्मचारियों को चार फीसदी डीए देने का ऐलान किया था। जिसके तहत महंगाई भत्ता 42% से बढ़कर 46% हो गया है। आदेश में वित्त विभाग ने कहा है कि कर्मचारियों को एक जुलाई 2023 से 4 प्रतिशत महंगाई भत्ता स्वीकृत किया जाता है। अब शासकीय कर्मचारियों का मानना है कि चुनाव था इसलिए चार फीसदी मंहगाई भत्ता दे दिया गया है। लेकिन वो फिर भी केन्द्र से चार फीसदी पीछे हैं। और चुनाव समाप्त होने के बाद अब सरकार उनके बचे हुए चार फीसदी मंहगाई भत्ते को देगी या नहीं देगी इसकी गारंटी मोहन सरकार ने नहीं ली है इसलिए कर्मचारी सोच में हैं कि वो भाजपा को वोट कैसे दें क्योंकि उसी भाजपा की प्रदेश में सरकार है जिसने अब भी उनका चार फीसदी मंहगाई भत्ता रोक रखा है।

शासकीय कर्मचारी भाजपा से नाराज,4% डीए की मोहन सरकार ने नहीं ली गारंटी,कैसे मिलेंगी 29 सीटें
लोकसभा का चुनाव प्रचार पूरे शबाब पर है। मोदी के चेहरे पर भाजपा के नेता लगातार चुनाव प्रचार कर रहे हैं। लेकिन एमपी सरकार (mp government) ने जिस प्रकार से शासकीय कर्मचारियों को तड़पा-तड़पा कर चार फीसदी डीए दिया है उससे प्रदेश के शासकीय कर्मचारी (government employees) खासे नाराज हैं। प्रदेश की मोहन सरकार के चार फीसदी डीए देने के बाद भी राज्य सरकार के कर्मचारी केन्द्रीय कर्मचारियों की तुलना में उनसे चार फीसदी डीए कम पा रहे हैं। वर्तमान में राज्य के शासकीय कर्मचारी 46 प्रतिशत के हिसाब से डीए पा रहे हैं तो वहीं केन्द्रीय कर्मचारी 50% के हिसाब से मंहगाई भत्ता पा रहे हैं। मतलब हर कर्मचारी को हर महीने में चार से पांच हजार रुपये का नुकसान हो रहा है। ऐसे में मोदी की गारंटी पर शासकीय कर्मचारी किस प्रकार से विश्वास कर आएंगे। Mukhbirmp.com की टीम ने प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों के संगठनों से संपर्क किया तो चुनाव आचार संहिता के चलते उन्होने खुल कर तो नहीं बोला लेकिन नाम न छापने की शर्त पर कहा कि जिस प्रकार से राज्य सरकार उनकी उपेक्षा कर रही है उससे सभी शासकीय कर्मचारियों में भाजपा सरकार के प्रति काफी नाराजगी है। और वो नाराजगी कहीं न कहीं तो दिखेगी और चुनाव से बेहतर कोई और प्लेटफार्म नहीं हो सकता। गौरतलब है कि जिस प्रकार से भाजपा प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटें जीतने का दावा कर रही है उसमें अगर प्रदेश के साढ़े सात लाख से ज्यादा शासकीय सेवकों ने कहीं भाजपा से किनारा किया तो उसमें भाजपा की उम्मीदों पर पानी फिर सकता है। प्रदेश की मोहन सरकार ने चुनाव आचार संहिता लगने के ठीक दो दिन पहले राज्य के शासकीय कर्मचारियों को चार फीसदी डीए देने का ऐलान किया था। जिसके तहत महंगाई भत्ता 42% से बढ़कर 46% हो गया है। आदेश में वित्त विभाग ने कहा है कि कर्मचारियों को एक जुलाई 2023 से 4 प्रतिशत महंगाई भत्ता स्वीकृत किया जाता है। अब शासकीय कर्मचारियों का मानना है कि चुनाव था इसलिए चार फीसदी मंहगाई भत्ता दे दिया गया है। लेकिन वो फिर भी केन्द्र से चार फीसदी पीछे हैं। और चुनाव समाप्त होने के बाद अब सरकार उनके बचे हुए चार फीसदी मंहगाई भत्ते को देगी या नहीं देगी इसकी गारंटी मोहन सरकार ने नहीं ली है इसलिए कर्मचारी सोच में हैं कि वो भाजपा को वोट कैसे दें क्योंकि उसी भाजपा की प्रदेश में सरकार है जिसने अब भी उनका चार फीसदी मंहगाई भत्ता रोक रखा है।

चुनाव ड्यूटी में लगे शासकीय कर्मचारी कहां डालेंगे वोट,निर्वाचन आयोग ने दी बड़ी सुविधा
लोकसभा चुनाव (lok sabha elections) में मतदान केन्द्रों पर ड्यूटी में तैनात अधिकारी-कर्मचारी उसी केन्द्र पर मतदान कर सकेंगे। उनको विधानसभा चुनाव की तरह डाक मतपत्र से मतदान करने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। Mukhbirmp.com को मिली जानकारी के अनुसार चुनाव में तैनात लगभग 15 हजार अधिकारी-कर्मचारियों को जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह इलेक्शन ड्यूटी सर्टिफिकेट (सीडीसी) जारी करेंगे। चुनाव आयोग ने डाक मतपत्र की जगह ईवीएम से मतदान कराने की व्यवस्था लागू की है। इससे अधिकारी और कर्मचारियों को लाभ होगा। पिछले विधानसभा चुनाव में 2049 मतदान केन्द्रों के हिसाब से आठ हजार 196 कर्मचारियों का मतदान कराने की जिम्मेदारी दी गई थी,जबकि 20 प्रतिशत अतिरिक्त कर्मचारियों को भी रखा गया था। इस बार मतदान केन्द्रों की तादात बढ़कर 2363 हो गई है। जिसको देखते हुए पुलिसकर्मियों को मिला कर करीब 15 हजार कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी में लगाया जाएगा। गौरतलब है कि भोपाल जिले की सातों विधानसभा क्षेत्र सहित सीहोर का एक विधानसभा क्षेत्र मिलाकर भोपाल लोकसभा सीट बनाई है।

शासकीय कर्मचारियों को चार फीसदी डीए देने का आदेश जारी,तीन किस्तों में मिलेगा एरियर
मध्यप्रदेश की मोहन सरकार (mohan cabinet) ने होली से पहले सरकारी कर्मचारियों (mp government employees) को बड़ा तोहफा दिया है। मोहन सरकार ने शुक्रवार को कर्मचारियों का 4 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने के आदेश जारी कर दिए है। बता दें कि गुरूवार को मोहन कैबिनेट की बैठक के बाद शुक्रवार को यह आदेश जारी किया गया है। इस महंगाई भत्ता का फायदा प्रदेश के 7.5 लाख कर्मचारियों को मिलेगा।आदेश को जारी करते हुए वित्त विभाग ने कहा कि कर्मचारियों को एक जुलाई 2023 से 4 प्रतिशत महंगाई भत्ता स्वीकृत किया जाता है। इसके बाद महंगाई भत्ते की राशि बढ़कर 42 से 46 प्रतिशत हो गई है। महंगाई भत्ते में वृद्धि का लाभ मार्च माह के वेतन के साथ अप्रेल में होने वाले भुगतान में किया जाएगा। एक जुलाई से 29 फरवरी तक की राशि का भुगतान 3 समान किस्तों में किया जाएगा। यह राशि जुलाई, अगस्त, सितम्बर 2024 में एरियर के रूप में जमा की जाएगी।