मध्य प्रदेश
बीजेपी में एक ऐसा पदाधिकारी जिसे चाहता कोई नहीं 'झेलते' सब हैं काम 'विभीषण' गीरी करना
मध्य प्रदेश भाजपा के कप्तान कितने भी मजबूत हों लेकिन उनके बीच 'विभीषण' की उपस्थित पूरे संगठन में अस्थिरता का माहौल बनाने का काम करती रहती है। इस विभीष...
• Oct 11, 2026• 3 min read

📷 Cover Photo: बीजेपी में एक ऐसा पदाधिकारी जिसे चाहता कोई नहीं 'झेलते' सब ह
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मध्य प्रदेश भाजपा के कप्तान कितने भी मजबूत हों लेकिन उनके बीच 'विभीषण' की उपस्थित पूरे संगठन में अस्थिरता का माहौल बनाने का काम करती रहती है। इस विभीषण को प्रदेश कार्यालय में एक और उप नाम से पुकारा जाता है जो है 'मनहूस' दरअसल भाजपा की जब अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कार्यकारिणी घोशित की तो उन्होंने हर जाति और वर्ग को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया लेकिन उसी कार्यकारिणी में सीएम के माध्यम से एक विभीषण की इंट्री करवा दी गई। उस विभीषण की खूबी यह है कि उसमें 'एरोगेंसी' कूट-कूट कर भरी हुई है। प्रदेश कार्यालय में जब वो पदाधिकारी पहुंचता है तो शो-अप ऐसे करता है जैसे पूरे संगठन का मुखिया ही वहीं हो। संगठन में जो भी फैसले होते हैं उसी के बूते होते हैं। प्रत्येक बैठक में शामिल होना उसकी जीवन शैली का हिस्सा है। प्रत्येक बैठक में अपना प्रभाव दिखाना भी उसकी सियासी रणनीति का हिस्सा है। खास बात यह है कि उस विभीषण को पसंद तो कोई नहीं करता लेकिन काम सारे उसी के होते हैं क्योंकि वो संगठन नहीं 'सरकार' के क्लोज है। जिस दिन से नई सरकार अस्तित्व में आई उसी दिन से उस विभीषण ने खुद को ऐसे स्थापित कर दिया कि वो सीएम हाउस का एक सदस्य बन गया। संगठन की बातों को इधर से उधर करना ही उसके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया। जब प्रदेश अध्यक्ष भोपाल से बाहर होते हैं तो अध्यक्ष की तरह ही उसका व्योहार भी रहता है ऐसा लगता है मानो अपनी गैर हाजिरी में अध्यक्ष ने अपना सारा काम उसी को दे रखा हो। जबकि ऐसा कुछ नहीं है। बीजेपी अध्यक्ष भी यह बात जान चुके हैं कि पार्टी में विभीषण कौन है लेकिन सबकुछ जान कर भी वो कुछ कर नहीं सकते। जिस प्रकार रावण मर कर भी आज लोगों की सोच में जिंदा है ठीक उसी प्रकार विभीषण भी उतना ही सत्य है जितना रावण। कलयुग के इस विभीषण का साम्राज्य ही विभीषण गीरी पर टिका हुआ है। यहां पर विभीषण एक सीख भी देता है कि अगर विभीषण गीरी से फायदा है तो उसमें हर्ज क्या है। भाजपा के इस विभीषण की जैसे ही प्रदेश कार्यालय में इंट्री होती है कार्यकर्ता देखते ही मुंह चिढ़ाते हैं और कहते हैं मनहूस की इंट्री हो चुकी है। विभीषण के बारे में जानने के लिए पढ़ते रहिए मुखबिर जल्द ही उसके नाम का भी खुलासा किया जाएगा।
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