मध्य प्रदेश
'भाजपा इतनी कमजोर हो गई अथवा कांग्रेस इतनी मजबूत' कि अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 200 सीटों के जीतने का दावा कर दिया
राजनीति की खूबी है कि एक बार नहीं बार-बार सत्ता हाथ से निकल जाए उसके बाद भी अगली बार सत्ता में आने का सपना खत्म नहीं होता। फिर चाहे वो सपना देखते-देखत...
• Oct 2, 2026• 3 min read

📷 Cover Photo: 'भाजपा इतनी कमजोर हो गई अथवा कांग्रेस इतनी मजबूत' कि अध्यक्ष
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राजनीति की खूबी है कि एक बार नहीं बार-बार सत्ता हाथ से निकल जाए उसके बाद भी अगली बार सत्ता में आने का सपना खत्म नहीं होता। फिर चाहे वो सपना देखते-देखते एक उम्र अथवा पीढ़ी ही क्यों न बीत जाए। दरअसल यह बात इसलिए हो रही है क्योंकि मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कुछ ऐसी भविष्यवाणी की है जो हंसने पर नहीं लेकिन सोचने पर जरुर मजबूर करती है। कांग्रेस अध्यक्ष पटवारी ने कहा कि साल 2028 में कांग्रेस सभी 230 विधानसभा सीटों में चुनाव लड़ेगी और 200 सीटों के साथ सरकार बनाएगी। कांग्रेस अध्यक्ष शायद यह बात भूल गए कि साल 2018 में भाजपा ने भी अबकी बार 200 पार का नारा दिया था और उस नारे का हश्र ये हुआ कि भाजपा 15 साल बाद 107 सीटों में सिमट कर रह गई। अब विपक्ष में रहते जीतू पटवारी ने 200 की बात कर 2018 की यादों को ताजा करने का काम किया है। अब सवाल इस बात का उठता है कि क्या भाजपा इतनी कमजोर हो गई है अथवा कांग्रेस इतनी मजबूत हो गई है जिसके बूते जीतू पटवारी 200 का सपना देखने लगे हैं। जबकि भाजपा वही है नेता वही हैं एमपी में सत्ता और संगठन का नेतृत्व जरुर बदला है लेकिन इनके रणनीतिकार वही हैं जो 2023 में थे। दरअसल कांग्रेस यह भूल जाती है कि भाजपा को सिर्फ चुनाव लड़ना नहीं जीतना भी आता है। कब कौन सा दांव खेलना है कब किस प्यादे को वजीर बनाना है यह सब भाजपा को आता है। कांग्रेस ने संगठन का सृजन जरुर किया है लेकिन उस सृजन में ऐसा कुछ भी निकल कर सामने नहीं आया जिसमें सत्ता पाने की भूख हो। कांग्रेस को आज भी लगता है कि सरकार जनता बनाती है और एक दिन यही जानता कांग्रेस की सरकार बनाएगी। जिसके बल पर कांग्रेस अध्यक्ष ने 200 के नारे को बुलंद कर दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष शायद यह भूल जाते हैं कि भाजपा जिस प्रकार से बूथ लेबल पर काम करती है उसका तोड़ आज तक कांग्रेस नहीं निकाल पाई। वर्तमान भाजपा अध्यक्ष रणनीति बनाने में काफी माहिर हैं। दिखने में सरल और शांत जरुर दिखते जहैं लेकिन रिणनीति बनाने में वो उतने ही खतरनाक नेता हैं। हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में ही साल 2024 में भाजपा ने पहली बार लोकसभा की सभी 29 सीटों पर क्लीन स्वीप किया था। उस वक्त वो चुनाव प्रबंधन समिति के प्रदेश संयोजक थे इस बार प्रदेश अध्यक्ष हैं और फ्री-हैंड हैं। ऐसी स्थिति में पटवारी के 200 सीटों के सपने का क्या होगा भगवान ही जाने।
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