मध्य प्रदेश
बीजेपी के मोर्चा अध्यक्षों की बैठक में 'विभीषण' की नो इंट्री भवन सुदृढ़ीकरण समिति की बैठक में मिली जगह
मध्य प्रदेश भाजपा संगठन में विभीषण के नाम से मशहूर एक पदाधिकारी प्रत्येक बैठक में शामिल होता है लेकिन मंगलवार को हुई एक बैठक में विभीषण की गैर उपस्थित...
• Oct 14, 2026• 3 min read

📷 Cover Photo: बीजेपी के मोर्चा अध्यक्षों की बैठक में 'विभीषण' की नो इंट्री
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मध्य प्रदेश भाजपा संगठन में विभीषण के नाम से मशहूर एक पदाधिकारी प्रत्येक बैठक में शामिल होता है लेकिन मंगलवार को हुई एक बैठक में विभीषण की गैर उपस्थिति ने कई सवालों को जन्म दिया है। दरअसल सत्ता और संगठन के बीच विभीषण की भूमिका निभाने वाला पदाधिकारी अपेक्षित हो या नहीं लेकिन वो प्रत्येक बैठक में शामिल जरुर होता है। मंगलवार को प्रदेश कार्यालय में जब प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर तिवारी ने मोर्चा अध्यक्षों की बैठक बुलाई तो उसमें विभीषण को शामिल नहीं किया गया। प्रदेश कार्यालय की तरफ से जारी तस्वीर में विभीषण मौजूद नहीं है जबकि उस बैठक के बाद भवन निर्माण व भवन सुदृढ़ीकरण समिति एवं ट्रस्ट समिति की बैठक आयोजित हुई तो उस बैठक में विभीषण को फिर इंट्री मिल गई। कार्यालय में मौजूद मुखबिरों के गले से यह बात नहीं उतर रही कि एक बैठक में विभीषण को शामिल नहीं किया गया लेकिन दूसरी बैठक में उसको इंट्री कैसे मिल गई। भाजपा में यह एक ऐसा व्यक्ति है जिसे पसंद कोई नहीं करता लेकिन सबकी मजबूरी है कि उससे बात करनी है। क्योंकि विभीषण जितना प्रदेश कार्यालय में मजबूत है उतना ही सीएम हाउस में भी वो मजबूत है। यही कारण है कि प्रदेश कार्यालय से लेकर सीएम हाउस तक हमेशा अस्थिरता का माहौल बना रहता है। अब तो प्रदेश अध्यक्ष को भी इस बात का आभास हो चुका है कि उनकी टीम में विभीषण कौन है लेकिन अब वो भी क्या कर सकते हैं। क्योंकि टीम में विभीषण की इंट्री हो चुकी है। मोर्चों की बैठक में संगठन को मजबूत करने के लिए कई तरह के फैसले हुए हैं। जिसमें संगठन महामंत्री ने कुछ दिशा निर्देश जारी किए हैं और उसी के आधार पर टीम को आगे बढ़ना होगा। गौरतलब है कि नव नियुक्त संगठन महामंत्री संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। साथ में सभी नेताओं के साथ परिचय भी स्थापित कर रहे हैं। मजे की बात यह है कि संगठन महामंत्री को भी विभीषण ही सलाह दे रहा है। उनको कार्यालय लाने से लेकर पहुंचाने तक का काम विभीषण ही कर रहा है। उसी दौरान वाहन में ही विभीषण अपना काम कर चुका होता है जिसकी उम्मीद उससे की जा सकती है।
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