मध्य प्रदेश
बीजेपी के चार प्रदेश महामंत्रियों में तीन के पास नहीं कोई काम सिर्फ एक सक्रिय
भारतीय जनता पार्टी की परंपरा रही है कि वो अपने प्रत्येक पदाधिकारी की जिम्मेदारी तय करती है और उन्हें पार्टी की तरफ से हमेशा कोई काम दिया जाता है। लेकि...
• Oct 12, 2026• 3 min read

📷 Cover Photo: बीजेपी के चार प्रदेश महामंत्रियों में तीन के पास नहीं कोई का
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भारतीय जनता पार्टी की परंपरा रही है कि वो अपने प्रत्येक पदाधिकारी की जिम्मेदारी तय करती है और उन्हें पार्टी की तरफ से हमेशा कोई काम दिया जाता है। लेकिन प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में बनी प्रदेश कार्यकारिणी में चार प्रदेश महामंत्री बनाए गए जिसमें तीन महामंत्री प्रदेश कार्यालय में समय नहीं देते अथवा उनके पास पार्टी की तरफ से कोई काम नहीं है। गौरतलब है कि कार्यकारिणी में चार महामंत्री बनाए गए थे जिसमें लता वानखेड़े,सुमेर सिंह सोलंकी,राहुल कोठारी और गौरव रणदिवे शामिल हैं। इन महामंत्रियों में राहुल कोठारी को छोड़ अन्य तीन महामंत्री सक्रिय नजर नहीं आ रहे हैं। पार्टी के मुखबिरों का कहना है कि तीन महामंत्रियों के पास कोई दायित्व ही नहीं है जिसके कारण उनकी सक्रियता कम ही देखने को मालती है। यह तीन महामंत्री प्रदेश कार्यालय में भी नहीं बैठते हैं। जब कोई बड़ी बैठक होती है तभी तीन महामंत्रियों की उपस्थिति प्रदेश कार्यालय में देखने को मिलती है अन्यथा उनका प्रदेश कार्यालय से कोई सरोकार नहीं है। राहुल कोठारी भोपाल से लोकल प्रदेश महामंत्री हैं जो सक्रिय हैं और कार्यालय में उनकी उपस्थिति भी देखने को मिलती है। बांकी के तीन महामंत्रियों से लोग ज्यादा परिचित भी नहीं हैं। पिछले महीने गौरव रणदिवे एक दिन के लिए चर्चा में जरुर आए थे जब राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन इंदौर प्रवास पर आए थे और जो आयोजन हुआ था उसका सारा श्रेय सीएम मोहन यादव ने गौरण रणदिवे को दिया था। उस वक्त रणदिवे सुर्खियों में आए। हांलांकि वह एक इत्तिफाक था क्योंकि सीएम को किसी नेता को श्रेय देना था लिहाजा उन्होंने गौरव रणदिवे को क्रेडिट देने के नाम पर कौलाश विजयवर्गीय का क्रेडिट छीनने का प्रयास किया था और इस बात से पूरा प्रदेश परिचित है। इनके अलावा लता वानखेड़े और पूर्व राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी की प्रदेश कार्यालय में आवक नहीं होती। सिर्फ सोशल मीडिया में यह नेता कभी कभार देखने में पाए जाते हैं। गौरतलब है कि भाजपा की तरफ से सेवा संकल्प अभियान चल रहा है जिसमें पार्टी के हर स्तर के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हैं लेकिन तीन महामंत्रियों की निष्क्रियता यह बताती है कि यहां पर जो नेता सीएम हाउस में उपस्थिति दर्ज कराने में सक्षम है उसी के पास काम और दायित्व है बांकी सिर्फ नाम के लिए पद लेकर घूमते रहो और पदाधिकारी होने का ढिंढोरा पीटते रहो उससे क्या फर्क पड़ता है।
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