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मध्य प्रदेश

ओबीसी आरक्षण पर 'हाई' कांग्रेस का पारा 'कोर्ट' के फैसले पर सरकार की 'बोलती बंद'

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण की मांग वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने 13 फीसदी आरक्षण के तहत रोके गए पदों ...

• Oct 9, 2026• 2 min read
ओबीसी आरक्षण पर 'हाई' कांग्रेस का पारा 'कोर्ट' के फैसले पर सरकार की 'बोलती बंद'

📷 Cover Photo: ओबीसी आरक्षण पर 'हाई' कांग्रेस का पारा 'कोर्ट' के फैसले पर स

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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण की मांग वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने 13 फीसदी आरक्षण के तहत रोके गए पदों पर तीन महीने के भीतर अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने का आदेश दिया है। गौरतलब है कि साल 2019 में तत्कालीन कमल नाथ सरकार ने अध्यादेश के जरिए ओबीसी आरक्षण 14 से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया था। इसके बाद इस निर्णय को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में कई याचिकाएं दायर हुईं। विवाद का प्रमुख आधार आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा और ओबीसी वर्ग को अतिरिक्त आरक्षण देने के लिए पर्याप्त आंकड़ों की उपलब्धता रहा। कानूनी विवाद के कारण अनेक सरकारी भर्तियों में चयन और नियुक्तियों का एक हिस्सा लंबित था।कोर्ट से आए फैसले के बाद कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीयत और उसकी पैरवी पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। ओबीसी आरक्षण को लेकर सरकार ने न्यायालय में कौन-से ठोस सामाजिक और शैक्षणिक आंकड़े प्रस्तुत किए, 50 प्रतिशत की आरक्षण सीमा से संबंधित संवैधानिक प्रावधानों के तहत अपना पक्ष कितनी मजबूती से रखा और आरक्षण की रक्षा के लिए क्या प्रभावी प्रयास किए—इन सभी सवालों का जवाब सरकार को देना चाहिए। कोर्ट के फैसले पर राज्य सरकार की जुवां पर ताला लग गया है। ओबीसी वर्ग के कंधे पर बंदूक रख कर सियासत की गोली दागने वाली सरकार कोर्ट के फैसले को अब तक हजम नहीं कर पाई है। कोई बड़ा नेता इस मामले में बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।

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