राजनीतिक नियुक्तियों का फिर शुरु होगा दौर सीएम और अध्यक्ष के बीच बनी सहमति 40 से अधिक होनी हैं नियुक्तियां
मध्य प्रदेश में एक बार फिर राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बीच हुई बैठक में रिक्त पदों पर नियुक्तियां आगे बढ़ाने पर सहमति बन गई है। इसके बाद अब संगठन और सरकार दोनों स्तर पर नामों को अंतिम रूप देने का काम शुरू होगा।
खाली पड़े हैं 40 से ज्यादा पद
प्रदेश में भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर विकास प्राधिकरण, बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण सहित अन्य निगम-मंडलों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य के पद लंबे समय से खाली हैं। इसके अलावा सामाजिक दृष्टि से गठित बोर्डों में भी नियुक्तियां होना बाकी हैं।
Mukhbir को मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश में कुल 40 से अधिक निगम, मंडल, आयोग और प्राधिकरणों में नियुक्तियां की जानी हैं। इन पदों पर क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरण साधते हुए नेताओं को समायोजित किया जाएगा।
हारे हुए वरिष्ठों को मिल सकता है मौका
पार्टी के भीतर चर्चा है कि इस बार हारे हुए वरिष्ठ पूर्व विधायकों को भी दर्जा प्राप्त मंत्री का पद दिया जा सकता है। इससे नाराज नेताओं को मनाने और 2027 की तैयारी में उन्हें साथ लाने की रणनीति है।
शक्ति प्रदर्शन के बाद रुकी थीं नियुक्तियां
दरअसल कुछ समय पहले नियुक्तियों की सूची लगभग फाइनल हो चुकी थी। इसी दौरान मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ने पीएम मोदी की पेट्रोलियम बचत अपील के बावजूद शक्ति प्रदर्शन किया था। इसे गंभीरता से लेते हुए संगठन ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया और सरकार ने उनके सारे अधिकार निलंबित कर दिए थे।
इसके बाद मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष ने एक दर्जन से ज्यादा निगम-मंडलों की संभावित नियुक्तियों को अगले आदेश तक होल्ड पर डाल दिया था। मुख्यमंत्री ने साफ कहा था कि "आचरण में अहंकार लाने वाले नेताओं को काम से रोका जा सकता है।"
राष्ट्रीय कार्यकारिणी के बाद खुलेगी राह
भाजपा सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की कार्यकारिणी घोषित होने के बाद रुकी हुई दर्जा प्राप्त मंत्रियों की सूची जारी होने की संभावना है। पार्टी ने यह भी तय किया है कि जो संगठन में रहेगा उसे सरकार में पद नहीं दिया जाएगा, ताकि दोनों में संतुलन बना रहे।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि मोहन-हेमंत की नई सहमति के बाद नियुक्तियों की पहली सूची कब आती है।
खबर के 3 पॉइंट
1. सहमति बनी: सीएम मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की बैठक में नियुक्तियां बढ़ाने पर मुहर
2. कहां होंगे बदलाव: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर सहित 40+ निगम-मंडल-प्राधिकरण
3. किसे मिलेगा मौका: हारे हुए वरिष्ठ विधायक और क्षेत्रीय समीकरण वाले नेता प्राथमिकता में
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