जिस दतिया ने भाजपा को आइना दिखाया उसी दतिया ने नरोत्तम को सिर माथे पर बिठाया
तीन अगस्त का दिन भाजपा नेताओं को कभी न भूलने वाला है क्योंकि इसी दिन दतिया की जनता ने भाजपा को आइना दिखाने का काम किया था। दरअसल भारतीय जनता पार्टी के नेत्रृत्व ने एक ऐसी अकल्पनीय चाल चली थी जिसकी उम्मीद भाजपा के किसी कार्यकर्ता ने नहीं की थी। पूर्व गृह मंत्री डाक्टर नरोत्तम मिश्रा का अचानक टिकट काट कर आशुतोष तिवारी के नाम का ऐलान किया था जो अकल्पनीय था। नए नाम का ऐलान होने के बाद दतिया के कार्यकर्ताओं ने एक ही रात में दिखा भी दिया था कि उनके दिल में कमल का फूल नहीं नरोत्तम मिश्रा राज करते हैं। जिसकी बानगी के तौर पर भाजपा के इतिहास में पहली बार देखने को मिला था जब 22 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने न सिर्फ इस्तीफा दिया था बल्कि पूरे शहर को और हाइवे को जाम कर अपना इरादा स्पष्ट कर दिया था। लेकिन सत्ता के मद में चूर भाजपा ने अपना फैसला नहीं बदला और चुनाव जीतने की तमाम कोशिशों के बाद भी दतिया में भाजपा उम्मीदवार को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। उस हार के बाद भाजपा नेतृत्व तो अब तक मंथन ही कर रहा है मंथन कब पूरा होगा कुछ पता नहीं। लेकिन इतना सबकुछ होने के बाद जब पूर्व गृह मंत्री डाक्टर नरोत्तम मिश्रा शुक्रवार को दतिया पहुंचे तो स्थानीय जनता का ऐसा जन सैलाब उमड़ा जिसने पूरी भाजपा को आइना दिखाने का काम किया। जिस जनता ने भाजपा को चुनाव हराया उसी जनता ने पूर्व गृह मंत्री को सिर माथे पर बिठाया। शुक्रवार को हजारों-हजार की संख्या में पहुंचे नागरिकों में नरोत्तम मिश्रा के प्रति ऐसी दीवानगी देखने को मिली जैसे किसी सेलिब्रिटी के प्रति उनके चाहने वालों की दीवानगी होती है। दतिया से आई तस्वीर इस बात की चीख-चीख कर गवाही दे रही है कि सरकार और संगठन कोई भी फैसला लें लेकिन उनके दिल में दादा का राज है।
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