बीजेपी के सम्मान में 'उपेक्षा' का दिखा भाव सह मीडिया प्रभारी होते रहे उपेक्षित अंत में मिला मौका
आशीष ऊषा अग्रवाल को भाजपा की तरफ से राष्ट्रीय मीडिया का सह संयोजक बनाए जाने के बाद जब उनका पहली बार भोपाल आगमन हुआ तो मीडिया विभाग की टीम ने अग्रवाल के लिए सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया। आशीष अग्रवाल ने अपने कार्यकाल में सह मीडिया प्रभारी हो अथवा प्रदेश प्रवक्ता या फिर पैनलिस्ट कभी किसी के साथ भेदभाव नहीं किया। भाजपा मीडिया प्रभारी ने अपनी टीम को अलग-अलग चस्में से देखने के बजाय हमेशा एक ही चस्में से देखा। लेकिन उन्हीं की टीम में मौजूद कुछ प्रवक्ता उनसे यह सीख नहीं ले पाए और सम्मान समारोह के दौरान ही वो अपनी टीम के एक साथी का लगातार अपमान करते रहे। सबसे पहले कांग्रेस से भाजपा में आए तीन प्रवक्ताओं को संबोधन के लिए बुलाया गया उसके बाद दो मूल भाजपा के मीडिया सह संयोजक और प्रवक्ता को मौका दिया गया। जबकि इसी टीम के एक अन्य सह मीडिया प्रभारी को लगातार अनदेखा किया जाता रहा। एक-एक करके लोगों को बुलाया जाता रहा और उसी टीम के उस साथी को उपेक्षित किया जाता रहा जो भाजपा युवा मोर्चा से लेकर प्रदेश मीडिया की टीम तक लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन यहां पर उनके साथ जिस प्रकार के भेदभाव की स्थिति देखने को मिली वो साफ दर्शाता है कि राष्ट्रीय मीडिया सह संयोजक आशीष अग्रवाल ने जिस प्रकार से सारे मोतियों को एक धागे में पिरोने का काम किया था वो सारे मोती आशीष अग्रवाल का दिल्ली रुख करते ही बिखरने लगे। जिस टीम के कप्तान ने सभी को समान भाव से देखा उसी टीम के खिलाड़ी एक दूसरे की जड़ खोदने में जुट गए। सह मीडिया प्रभारी अपनी बारी का इंतजार करते रहे और मंच से उनका अपमान होता रहा। अंत में कुछ लोगों के कहने पर उन सह मीडिया प्रभारी को मंच में आने का मौका मिला।
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