एक IAS के कहने पर सीएम मोहन यादव ने कटवा दिया पूर्व गृह मंत्री का टिकट पढ़िए पूरी खबर मुखबिर पर
जिस दतिया विधानसभा सीट से पूर्व गृह मंत्री तीन बार विधायक रहे और प्रदेश की राजनीति का तुरुप का इक्का माने गए उसी दतिया से आने वाले ब्यूरोक्रेट भरत यादव ने डाक्टर नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गौरतलब है कि भरत यादव एक IAS हैं और सीएम मोहन यादव के काफी करीबी हैं। Mukhbir को मिली सूचना के अनुसार जब पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सीएम यादव से उनके निवास पर मुलाकात की तो उसके बाद सीएम मोहन यादव ने IAS भरत यादव से दतिया चुनाव को लेकर चर्चा की। बताया जाता है कि IAS भरत यादव और CM डॉ. मोहन यादव की प्रोफेशनल बॉन्ड काफी मजबूत मानी जाती है।
2024 के बाद से CM और IAS भरत यादव के बीच काफी बांडिंग है?
1. CM सचिव का भरोसा वाला पद
फरवरी 2024 में जब डॉ. मोहन यादव CM बने, तो सबसे पहले जिन अफसरों को अपने साथ रखा उनमें भरत यादव भी थे। उन्हें मुख्यमंत्री का सचिव बनाया गया था। CM सचिव का पद सीधे CM के साथ 24x7 काम का होता है। नीतिगत फाइलें, फैसले, मीटिंग - सब यहीं से पास होते हैं।
2. एडमिनिस्ट्रेशन की स्टाइल मैच करती है
भरत यादव को "दृढ़ता, प्रशासनिक स्पष्टता और जन-केंद्रित शासन" के लिए जाना जाता है। CM मोहन यादव भी ग्राउंड एक्शन और फास्ट डिसीजन वाले नेता हैं। दतिया के रहने वाले भरत यादव MP की जमीनी हकीकत भी अच्छी समझते हैं।
CM अब भी भरत यादव से लेते हैं सलाह
मुखबिरों का कहना है कि प्रशासनिक गलियारों में IAS भरत यादव को CM की कोर टीम का हिस्सा माना जाता है। सीएम को जब भी ब्यूरोक्रेट्स से संबंधित सलाह चाहिए होती है तो भरत यादव को याद किया जाता है यहां तक कि अब भरत यादव राजनीति के मामले में भी सीएम मोहन यादव को आवश्यक सलाह देते हैं जिस पर सीएम अमल भी करते हैं। इसी का परिणाम है कि भरत यादव ने दतिया से पूर्व गृह मंत्री का टिकट काटने की सलाह दी। क्योंकि पूर्व गृह मंत्री चुनाव जीत कर जाते तो सीएम को दिक्कत आ सकती थी लिहाजा टिकट कटवा कर रास्ते के कांटे को साफ कर दिया गया।
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