CM मोहन यादव से फिर नहीं मिले अमित शाह और मोदी दिल्ली से बैरंक लौटे सीएम बरकरार है नाराजगी
मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव और भाजपा के केन्द्रीय नेताओं के बीच आंख मिचौली का खेल लगातार जारी है। दरअसल दतिया उप चुनाव में भाजपा की शर्मनाक हार के बाद अमित शाह और पीएम मोदी मुख्यमंत्री डाक्टर मोहन यादव से नाराज हैं और मोहन यादव को मिलने का मौका भी नहीं दे रहे हैं। दतिया चुनाव के बाद मोहन यादव कई बार अमित शाह और पीएम मोदी से मिलने का प्रयास कर चुके हैं। सुबह से शाम तक दिल्ली में इंतजार करने का सिलसिला चल चुका है लेकिन दिल्ली के नेताओं का मोहन यादव के प्रति दिल नहीं पसीजा। गौरतलब है कि जिस प्रकार से दतिया उप चुनाव में षड़यंत्र पूर्वक ऐन मौके पर उम्मीदवार का नाम बदल कर पूर्व गृह मंत्री डाक्टर नरोत्तम मिश्रा को चुनावी पिच से बाहर किया गया उसके बाद जिस प्रकार से दतिया के हालात बने उससे सरकार और संगठन की लाख कोशिशों के बाद भी भाजपा दतिया में चुनाव नहीं जीत पाई। सीएम मोहन यादव ने दिल्ली में दावा किया था कि वो दतिया में चुनाव जितवा लेंगे लेकिन ऐसा कर नहीं पाए। सरकार का पूरा तंत्र उतारने के बाद भी भाजपा को दतिया में जीत नसीब नहीं हुई और मोहन यादव के नेतृत्व में भाजपा दूसरा उप चुनाव हार गई। इस हार के बाद अमित शाह ने मोहन यादव से मुंह मोड़ लिया। मुख्यमंत्री लगातार मिलने का प्रयास करते रहे मान मनौव्वल का दौर लगातार जारी है लेकिन अमित शाह का अब तक सीएम मोहन के प्रति दिल नहीं पसीजा। रविवार को सीएम मोहन यादव ने एक और प्रयास किया लेकिन इस बार फिर उनके हाथ मायूसी ही लगी। पीएम मोदी और अमित शाह की नाराजगी से जाहिर होता है कि इस हार से सीएम मोहन यादव का सियार कमजोर पड़ा है। सीएम ने जिस प्रकार से एक के बाद एक फैसले लिए जितने भी वरिष्ठ नेता थे उनको खत्म करने में उन्होंने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी परिणाम यह निकला कि पार्टी के जितने भी वरिष्ठ नेता थे वो आज खुद को उपेक्षित महसूस करने लगे हैं। जो हालात वर्तमान भाजपा के चल रहे हैं उससे यह साफ है कि आने वाले चुनाव में भाजपा को भाजपा से ही चुनाव लड़ना होगा।
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