कांग्रेस खाते की राज्यसभा सीट में 'खेला' होना तय दो और विधायकों पर मंडरा रहा संकट
दतिया विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक राजेन्द्र भारती की विधायकी रद्द होने के बाद अब मई में होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस को अपने विधायकों को सहेजकर रखना बड़ी चुनौती बन गया है। मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों (MP Rajya Sabha Election 2026) के लिए मई में संभावित चुनावों में कांग्रेस का गणित गड़बड़ा सकता है।राज्यसभा की दो सीट भाजपा और एक सीट कांग्रेस की रिक्त हो रही है। ऐसे में अभी से भाजपा और विपक्ष में खींचतान दिखने लगी है। कांग्रेस के तीन विधायकों की विधायकी पर संकट आया हुआ है। गुरुवार रात को ही दतिया विधायक की सदस्यता खत्म करते हुए दतिया विधानसभा सीट को रिक्त घोषित कर दिया गया। अब वहां उपचुनाव होंगे। मध्यप्रदेश में कांग्रेस के 65 विधायक हैं और कांग्रेस के 164 विधायक हैं। श्योपुर जिले के विजयपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा (Mukesh Malhotra MLA case) की विधायकी पर तलवार लटकी हुई है, उन्हें वोट डालने से रोका गया है।सागर जिले की बीना से विधायक निर्मला सप्रे (Nirmala Sapre BJP support) दलबदल कानून के दायरे में घिरी हैं। उन्हें भाजपा के साथ बताया जा रहा है। तीसरी घटना दतिया से कांग्रेस विधायक के साथ हो गई है। उन्हें आर्थिक अनियमितता के मामले में तीन साल की सजा कोर्ट ने सुनाई है। उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म कर दतिया सीट को रिक्त घोषित कर दिया गया। राज्यसभा में कांग्रेस की एक सीट जीतने के लिए 58 विधायक होना जरूरी है। काग्रेस के 65 विधायकों में से तीन विधायकों पर संकट आ गया है। इस प्रकार कांग्रेस के पास 62 विधायक रह जाते हैं। यदि कांग्रेस के चार विधायक निष्क्रिय हुए तो यह सीट भाजपा के खाते में जा सकती है। रीवा के सेमरिया विधायक अभय मिश्रा और भोपाल मध्य के विधायक आरिफ मसूद के पुराने मामलों के अचानक सक्रिय होने को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। जिस प्रकार से एक-एक करके कांग्रेस विधायक कम होते जा रहे हैं तो भाजपा का रास्ता भी साफ होता जा रहा है। मतलब साफ है कि अब भाजपा तीसरी सीट पर अपनी दावेदारी पूरी ताकत के साथ पेस करेगी।
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