डिजिटल होते ही मोहन सरकार ने शिक्षकों के हित में किया बड़ा फैसला चतुर्थ श्रेणी क्रमोन्नत वेतन मान योजना को मिली मंजूरी डिजिटल होते ही मोहन सरकार ने शिक्षकों के हित में किया बड़ा फैसला चतुर्थ श्रेणी क्रमोन्नत वेतन मान योजना को मिली मंजूरी
मप्र की मोहन सरकार अब डिजिटल युग में प्रवेश कर चुकी है। मंगलवार को हुई बैठक में सभी मंत्री हाथ में टैबलेट थाम कर निकले। सभी मंत्रियों ने अपने प्रस्ताव टैबलेट पर देखकर ही प्रजेंट किया और सीएम ने भी टैबलेट देखकर ही उनके प्रस्तावों पर चर्चा की। गौरतलब है कि सीएम मोहन यादव की पहल पर मध्य प्रदेश में ई-कैबिनेट की प्रक्रिया शुरु करने के उद्देश्य से मंत्रीगणों को टैबलेट वितरित किए थे। वहीं मंत्री परिषद के समक्ष ई-टैबलेट एप्लिकेशन का प्रजेंटेशन किया था। सीएम ने तब कहा था ई कैबिनेट की पहल ई गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है ये पेपरलेस प्रक्रिया। ताकि इससे पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। बैठक में परिवहन विभाग के प्रस्ताव पर ग्वालियर व्यापार मेला 2026 में ऑटोमोबाइल बेचने पर परिवहन टैक्स में 50 फीसदी की छूट दिए जाने पर हुई चर्चा। बाद में सर्वसम्मत से प्रस्ताव मंजूर। इस बैठक में शिक्षकों के हित में फैसला लेते हुए सरकार ने शैक्षणिक संवर्ग के शिक्षकों के लिए चतुर्थ श्रेणी क्रमोन्नत वेतन मान योजना लागू करने को मंजूरी दी गई। इसके तहत सहायक शिक्षक, उच्च श्रेणी शिक्षक तथा नए शैक्षणिक संवर्ग के शिक्षक शामिल होंगे। इस पर 322.34 करोड़ का अनुमानित व्यय आएगा। सरकार का ये फैसला एमपी के 1.21 लाख से ज्यादा शिक्षकों के लिए राहत भरा रहा। स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़े फैसले में 200 नए सांदिपनी विद्यालय खोलने को मंजूरी मिली है। इसमें करीब 3660 करोड़ रुपए खर्च होंगे। प्रथम चरण में 275 विद्यालयों को स्वीकृति मिली थी। हर स्कूल की स्थापना पर 17-18 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
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