बीजेपी कार्यालय में पदाधिकारियों के चेंबर झांकते और कान में कहते नजर आए कार्यकर्ता भाई साहब मेरा भी ध्यान रखिएगा
मध्य प्रदेश भाजपा में जब तक नियुक्तियां नहीं हो रहीं थीं तब तक कार्यकर्ताओं में ज्यादा जोश और उत्साह देखने को मिल रहा था लेकिन जिस दिन से संगठनात्मक नियुक्तियों का दौर शुरु हुआ तो कार्यकर्ता ठंडे पड़ने लगे। दरअसल जिस प्रकार से मोहन सरकार में नए चेहरों को मौका दिया गया ठीक उसी प्रकार से भाजपा कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि अब मेरा नंबर आएगा। लेकिन समय बीतने के साथ जब भाजपा की नियुक्तियों का पिटारा खुला तो जिन कार्यकर्ताओं की लाटरी लगी वो तो शांत होकर और अपना स्वागत करा कर बैठ गए। लेकिन जिन कार्यकर्ताओं का नंबर अब तक नहीं लगा वो खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। करीब हफ्ते भर भाजपा कार्यालय सूना पड़ा रहा लेकिन जैसे ही वरिष्ठ पदाधिकारियों के प्रदेश कार्यालय पहुंचने की खबर कार्यकर्ताओं को लगी तो बड़ी संख्या में कार्यकर्ता प्रदेश कार्यालय पहुंच कर एक से दूसरा चेंबर झांकते नजर आने लगे। प्रदेश कार्यालय अपने समर्थकों के साथ आए कार्यकर्ता को जो भी पदाधिकारी दिखता है उसके पास वो भाई साहब कहते हुए तत्काल अपनी हाजिरी लगाते हैं और धीरे से कान में कहते हैं भाई साहब मेरा भी ध्यान रखिएगा। दरअसल भाजपा संगठन की तरफ से दस प्रकोष्ठों के अलावा अभी प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा करना बांकी है। उसके अलावा सरकार स्तर पर निगम-मंडलों की नियुक्ति भी बांकी है। लिहाजा अभी भी बड़ी संख्या में नियुक्ति का पिटारा खुलना है। ऐसी स्थिति में कार्यकर्ता खुद के लिए कोई मौका नहीं छोड़ना चाहते। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आ रहे कार्यकर्ता यही सोचते नजर आ रहे हैं कि कहीं से भी उनकी जुगाड़ बन जाए और वो संगठन के किसी पद में शामिल हो जाएं जिससे भाई साहब की उनकी छवि बनी रहे। हांलांकि दूसरी तरफ प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी ज्यादा से ज्यादा कार्यकर्ताओं को संतुष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन कार्यकर्ताओं की बढ़ती भीड़ और उनकी जन अपेक्षाएं प्रदेश अध्यक्ष पर भारी पड़ती जा रही हैं।
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