मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों के लिए भाजपा ने तय किए नाम दिल्ली से लगेगी अंतिम मुहर
मध्यप्रदेश कोटे से खाली हो रही राज्यसभा की तीन सीटों के लिए भाजपा में पिछले कई दिनों से मंथन चल रहा है। उस मंथन को अंतिम रुप देने के लिए सीएम हाउस में सोमवार सुबह नौ बजे से ही बैठकों का दौर शुरु हो गया। इस बैठक में अजय जामवाल,शिवप्रकाश,प्रदेश प्रभारी महेन्द्र सिंह,सीएम मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल शामिल हुए। बैठक से पहले पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान और केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ वर्चुअल मीटिंग हुई जिसमें शिवराज सिंह चौहान ने जिन नामों का प्रस्ताव रखा उन नामों को ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी हरी झंडी दे दी। दोनों केन्द्रीय नेताओं की सहमति के बाद उन नामों को सीएम हाउस में हो रही बैठक में शामिल किया गया। Mukhbir को मिली सूचना के अनुसार तीन सीटों पर नौ नामों का पैनल तैयार किया गया है। हांलाकि जार्ज कुरियन को रिपीट करने की संभावना ज्यादा है उसके बाद भी मध्यप्रदेश संगठन की तरफ से कुरियन की सीट पर भी तीन नामों का पैनल तैयार किया गया है। एमपी से भेजें गए नौ नामों के पैनल में केन्द्रीय नेतृत्व तीन नामों पर अपनी मुहर लगाएगा और फिर वही अपना नामांकन दाखिल करेंगे। गौरतलब है कि जून के महीने में एमपी से राज्यसभा की तीन सीटें खाली हो रही हैं जिसमें एक कांग्रेस कोटे की है और अभी दिग्विजय सिंह उस सीट से राज्यसभा सांसद हैं। उनके अलावा दो सीट भाजपा कोटे की है जिसमें आदिवासी नेता सुमेर सिंह सोलंकी और केन्द्रीय मंत्री जार्ज कुरियन का नाम शामिल है। दिग्विजय सिंह की सीट पर भाजपा अपना कब्जा चाहती है। फिलहाल वर्तमान में विधायकों का जो गणित है उसके आधार पर कांग्रेस की सीट सुरक्षित है। लेकिन कांग्रेस के चार विधायक इधर से उधर हुए तो उसका गणित फेल होने में देरी नहीं लगेगी। जिन नामों को फायनल किया गया है उनमें एक सामान्य वर्ग,एक ओबीसी और एक एसटी कोटे से है। भाजपा राज्यसभा की सीटों पर भी सोशल इंजीनियरिंग का फार्मूला आजमा रही है। मध्य प्रदेश से राज्यसभा की कुल 11 सीटें हैं जिनमें आठ सीट भाजपा के खाते में तो तीन सीट कांग्रेस के खाते में है। कांग्रेस की तीन सीटों में दो सामान्य और एक ओबीसी वर्ग से हैं। लेकिन भाजपा के आठ सांसदों में सामान्य वर्ग से एक भी राज्यसभा सांसद नहीं है।
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