कांग्रेस नकल तो भाजपा की कर रही है फिर भी सभी मोर्चों पर हो रही फेलःपढिए मुखबिर
मप्र कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान चल रहा है। पचमढ़ी में जिला अध्यक्षों को दस दिवसीय ट्रेनिंग भी दी जा रही है लेकिन 230 लिधानसभा सीटों मे से केवल 37 में ही बीएलए बनाने का काम हुआ है। अब पार्टी की तरफ से आठ नवंबर तक का फिर से समय निर्धारित किया गया है। बात करें प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के गृह जिले इंदौर की तो वहां भी काम अधूरा है। भोपाल में भी काम अधूरा है। एसआइआर के तहत मतदाताओं की पहचान करने के लिए मंगलवार चार नवंबर से घर-घर सर्वे प्रारंभ होने जा रहा है। जो चार दिसंबर तक चलेगा। भाजपा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकतर बूथों पर एजोंटों नियुक्त कर सूची आयोग को भेज दी है। गौरतलब है कि कांग्रेस ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव हारने के बाद मतदाता सूची का मुद्दा उठाना शुरु किया था। मजे की बात यह है कि कांग्रेस जिला अध्यक्षों के दस दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में व्यस्त हैं। जिन जिला अध्यक्षों के भरोसे सारे काम होने हैं उनको भी पार्टी ने ट्रेनिंग के नाम पर दस दिन के लिए बैठा दिया है। और इसी दौरान निर्वाचन आयोग की टीम घर-घर जाकर सर्वे करने वाली है। जबकि आयोग की तरफ से सभी राजनीतिक दलों को पहले ही जानकारी दे दी गई थी उसके बाद भी आधी अधूरी तैयारी के बीच मप्र कांग्रेस ने दस दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर भविष्य के लिए आरोपों की एक योजना पहले ही तैयार कर ली है। जिससे बाद में निर्वाचन आयोग पर जमकर आरोप लगाया जा सके।
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