कर्मचारियों का 'पॉलीग्राफ' टेस्ट लेगी कांग्रेस विस प्रभारियों को दिया गया निर्देश
विधानसभा और फिर लोकसभा चुनाव में करारी सिकस्त झेलने के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस एक अलग ही मूड में चल रही है। मिशन 28 और 29 की तैयारियों जुटी कांग्रेस लगातार नवाचार कर खुद की परख करना चाहती है। भोपाल के रविन्द्र भवन में आयोजित कांग्रेस के तीन दिवसीय अधिवेशन में विस प्रभारियों को कांग्रेस नेतृत्व ने कई तरह की जिम्मेदारी सौंपी है। कांग्रेस अब यह भी पता कराने जा रही है कि प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों का झुकाव किस दल की ओर है। इसके साथ ही विपक्ष के नेताओं की समय-समय पर होने वाली सभा में उठाए जाने वाले मुद्दों के प्रभाव का स्थानीय आंकलन भी कराया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस ने विस प्रभारियों को कई महत्वपूर्ण काम सौंपे हैं। इसमें प्रभार क्षेत्र में पार्टी के नेता,कार्यकर्ता और समर्थकों की जानकारी एकत्र करने के साथ सामाजिक-जातिगत समीकरण और चुनाव से संबंधित डेटा का विश्लेषण करना शामिल है। चुनावों में अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है लिहाजा जनता के बीच रहने के कारण कर्मचारियों को जनता की नब्ज पता रहती है। इसलिए पार्टी ने तय किया है कि इनका झुकाव किस दल की ओर है और इसके कारण क्या हैं,यह विधानसभा प्रभारियों के माध्यम से पता करवाया जाएगा। प्रभारी स्थानीय स्तर पर विभिन्न कार्यालयों में पार्टी की विचारधारा से जुड़े कर्मचारियों के सहयोग से कर्मचारियों की श्रेणी तैयार करेंगे। विधानसभा क्षेत्रों के आधार पर ब्लाक और जिला की एक रिपोर्ट बनेगी,जो प्रदेश कांग्रेस को भेजी जाएगी। इसको लेकर प्रदेश कांग्रेस राज्य स्तर के कर्मचारियों को लेकर कार्ययोजना बनाएगी। गौरतलब है कि इसी कांग्रेस के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ कर्मचारियों को लेकर अलग-अलग बयान देते रहे हैं। यहां तक कि कांग्रेस नेताओं को अप्रत्यक्ष तरीके से धमकाने का भी काम किया गया था। कर्मचारियों पर भाजपाई होने सहित चुनाव में गड़बड़ी कराने जैसे आरोप लगाए गए थे। आज उन्हीं कर्मचारियों की विश्वसनीयता को टटोलने के लिए कांग्रेस को अलग से कार्ययोजना बनानी पड़ रही है।
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