आदिवासियों के बीच पैठ बनाने के लिए कांग्रेस बनाएगी सलाहकार परिषद
मध्य प्रदेश की सरकार बनाने में आदिवासियों की क्या भूमिका है उसकी बानगी कांग्रेस द्वारा बनाई जा रही सलाहकार परिषद के माध्यम से देखने को मिल रही है। इस परिषद के माध्यम से कांग्रेस 89 आदिवासी ब्लाक से जुड़े हुए विषयों पर संवाद करेगी। संवाद के दौरान जो मुद्दे सामने आएंगे उन्हें सलाहकार परिषद के सामने रखा जाएगा। जहां विचार विमर्श के बाद राष्ट्रीय इकाई के माध्यम से पार्टी नेता राहुल गांधी तक पहुंचाया जाएगा। प्रदेश की आबादी में 21.2 प्रतिशत के आसपास आदिवासी हैं। मध्य प्रदेश की 47 विधानसभा और लोकसभा में छह सीटें आरक्षित रखी गई हैं। इनके अलावा भी कई सीटें ऐसी हैं कि जहां आदिवासी मतदाता निर्णायक भूमिका में होते हैं। अभी कांग्रेस के फोकस में आदिवासी हैं। अब 89 आदिवासी विकासखंडों में सिंचाई क्षमता के विस्तार पर काम किया जा रहा है। जिससे आदिवासियों को कृषि की आधुनिक तकनीकों से जोड़ा जा सके। आदिवासियों को साधने के लिए कांग्रेस ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और विक्रांत भूरिया को पद देकर साधने का प्रयास किया है। गौरतलब है कि जब भी मध्य प्रदेश में आदिवासियों ने करवट बदली है तो सत्ता पलट हुआ है। साल 2018 में आदिवासियों ने कांग्रेस की तरफ झुकाव दिखाया था तो 15 साल बाद कांग्रेस का सूखा खत्म हो गया था। और अब एक बार फिर कांग्रेस आदिवासियों को साधने की कोशिश कर रही है। इससे यह समझा जा सकता है कि भाजपा और कांग्रेस के लिए आदिवासी वोट कितना महत्वपूर्ण हैं।
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