इंदौर के जिला क्रीड़ा अधिकारी हेमंत वर्मा पर विभागीय कार्रवाई की सिफारिश खेलकूद के पैसे के दुरुपयोग का लगा आरोप
लोक शिक्षण इंदौर संभाग के संयुक्त संचालक कार्यालय से एक बड़ा खुलासा सामने आया है। जिला क्रीड़ा अधिकारी हेमंत वर्मा पर खेलकूद के लिए आवंटित राशि के दुरुपयोग और शासकीय धन की हेराफेरी के गंभीर आरोप लगे हैं। जांच प्रतिवेदन में दोषी पाए जाने के बाद उन पर विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।
क्या है पूरा मामला:
9 जून 2017 को जारी पत्र क्रमांक/कार्यालय/2017/1144 के अनुसार, 28-ए पल्हर नगर इंदौर निवासी आशीष गुप्ता की शिकायत पर जांच की गई थी। शिकायत में आरोप था कि जिला क्रीड़ा अधिकारी हेमंत वर्मा ने खेलकूद के लिए आवंटित राशि का विभिन्न मदों में व्यय कर शासन के वित्तीय नियमों का उल्लंघन किया और शासकीय धन की हेराफेरी की।
जांच में क्या निकला:
इस मामले की जांच के लिए 25 जनवरी 2017 को जांच दल गठित किया गया था। शासकीय विवेकानंद उ.मा.वि. इंदौर के प्राचार्य एवं जांच अधिकारी राजेन्द्र मकवानी ने 30 मई 2017 को जांच प्रतिवेदन सौंपा।
जांच दल ने अपने प्रतिवेदन में स्पष्ट किया है कि शिकायतकर्ता के बिंदुओं के संबंध में शासन के वित्तीय नियमों की अवहेलना की गई। हेमंत वर्मा द्वारा शिकायत के संबंध में कोई भी साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए गए। जांच दल के कारणों से संतुष्ट नहीं होने पर हेमंत वर्मा, जिला क्रीड़ा अधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।
अब आगे क्या:
जिला क्रीड़ा अधिकारी के पद पर कार्रवाई का अधिकार आयुक्त, लोक शिक्षण म.प्र. भोपाल के कार्यालय में निहित है। संयुक्त संचालक ने 21 पृष्ठों का जांच प्रतिवेदन आवश्यक कार्रवाई के लिए आयुक्त कार्यालय को प्रेषित कर दिया है।
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