कांग्रेस मीडिया विभाग के 'टैलेंट' पर उठे सवाल के बाद प्रवक्ताओं के चयन के लिए गठित टैलेंट हंट समिति हुई रद्द
मप्र कांग्रेस कमेटी की तरफ से प्रवक्ताओं के चयन के लिए टेलेंट हंट समिति का गठन किया गया था। लेकिन समिति विवादों में आ गई। गौरतलब है कि कांग्रेस प्रदेश कार्यकारिणी की शुक्रवार को बैठक आयोजित की गई थी जिसमें कई फैसले लिए गए हैं तो वहीं इस बैठक के दौरान कुछ विवाद भी उभर कर सामने आए हैं। कांग्रेस की तरफ से प्रवक्ताओं की नियुक्ति के लिए 13 सदस्यीय समिति का गठन करीब दो हफ्ते पहले किया गया था। इस आदेश को प्रभारी महासचिव मीडिया कम्युनिकेशन अभय तिवारी ने शुक्रवार देर रात रद्द कर दिया। इस आदेश को निरस्त करने के पीछे कारण यह बताया जा रहा है कि मीडिया विभाग के अध्यक्ष द्वारा सक्षम अनुमोदन न लेने और अधिकारिता के बाहर जाकर आदेश जारी करना बताया गया है। पार्टी की तरफ से तर्क दिया जा रहा है कि टैलेंट हंट समिति किसी विभाग के अधीन नहीं बल्कि मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अधीन गठित है। अगर इसमें कोई संशोधन करना है तो प्रदेश संगठन के द्वारा ही किया जा सकता है इसलिए कमेटी को निरस्त किया जा रहा है। दरअसल Mukhbir को मिली सूचना के अनुसार कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक टैलेंट हंट समिति में अपनी मनमर्जी चला रहे थे। वो चाहते थे कि उनके हिसाब से ही समिति काम करे जिसकी शिकायत लगातार प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के पास पहुंच रही थी। की प्रवक्ताओं को भी लगातार उपेक्षित किया जा रहा था। खबर यह भी है कि अब कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष पद को लेकर भी प्रदेश नेतृत्व विचार मंथन कर रहा है जिसके तहत किसी अन्य योग्य और सक्रिया व्यक्ति को मीडिया विभाग का अध्यक्ष बनाया जा सकता है जिससे मीडिया विभाग में चल रही गुटबाजी और भेदभाव की राजनीति को खत्म किया जा सके।
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