कांग्रेस में जिला अध्यक्षों के लिए पहली बार 'साक्षात्कार' होगा आयोजित एससी एसटी और ओबीसी पर ज्यादा फोकस
मध्य प्रदेश कांग्रेस भाजपा के मुकाबले अपने संगठन को मजबूत करने की लगातार कवायद कर रही है। पिछले विधानसभा चुनाव में एससी वर्ग की सात सीट हारने के बाद पार्टी ऐसी सीटों की गिनती अभी से कर रही है जहां पिछले चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है। इस कड़ी में कांग्रेस ने तीन वर्गों को सबसे ज्यादा जबज्जो देने की योजना बनाई है जिसमें एससी,एसटी और ओबीसी वर्ग शामिल हैं। तीनों वर्गों के लिए बने प्रकोष्ठ रणनीति बना कर निचले स्तर तक संगठन खड़ा करने लगे हैं। पार्टी का अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ पहली बार तीन नए प्रयोग करने जा रहा है। इसमें एक तो कांग्रेस के दो संगठनात्मक जिलों के बीच एक प्रभारी नियुक्त किया गया है। प्रदेश में ऐसे कुल 71 जिले हैं। दूसरा ने सिरे से जिला अध्यक्ष चुनने जा रहे हैं। जिसमें ऊर्जावान और ने लोगों को अवसर मिल सके। पहली बार जिला अध्यक्षों के चयन के लिए पार्टी प्रदेश कार्यालय में 19 से 21 फरवरी के बीच लगातार तीन दिन तक साक्षात्कार आयोजित करने जा रही है। गौरतलब है कि प्रदेश में एससी वर्ग के लिए आरक्षित 35 सीटों में से कांग्रेस को 2013 में चार,2018 में 17 और 2023 में 10 सीटें मिली थीं। यानि पिछले चुनाव में सात सीटों का पार्टी को नुक्सान हुआ। साज्ञात्कार में कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के अलावा अन्य पदाधिकारी मौजूद रहेंगे और ऊर्जावान अध्यक्षों का साक्षात्कार करेंगे।
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