'ब्राह्मणों' को गाली देने वालों को सरकार का संरक्षण दामोदर यादव को मिली सुरक्षा ने आरोपों को किया सिद्ध
दामोदर यादव एक ऐसा व्यक्ति है जो अभिव्यक्ति की आजादी का इस्तेमाल ब्राह्मणों को गाली देने में करता है। और उसी दामोदर यादव को राज्य सरकार की तरफ से सुरक्षा मुहैया करवाई गई है। जबकि दामोदर यादव आए दिन भाजपा सरकार के काम और उसकी नीतियों के खिलाफ भी बोलता है उसके बाद भी दामोदर यादव पर सरकार इतनी मेहरबान क्यों है यह एक बड़ा सवाल है? दामोदर यादव आज जिस मुकाम पर हैं वो सिर्फ ब्राह्मणों को गाली देने की वजह से है। सबसे अहम बात यह है कि वही ब्राह्मण अगर किसी अन्य वर्ग के खिलाफ एक भी शब्द बोले तो उसके खिलाफ गंभीर धाराएं लगाई जाती हैं यहां तक कि जेल भी भेजा जाता है। लेकिन जब किसी अन्य वर्ग का व्यक्ति अथवा नेता ब्राह्मण को गाली देता है तो उसे सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराई जाती है और उसका सबसे बड़ा सबूत दामोदर यादव है। दामोदर यादव सुबह से उठते ही ब्राह्मण वर्ग को कोसने और गाली देने का काम करने लगता है। कथावाचक धीरेन्द्र कष्णा शास्त्री को आए दिन दामोदर यादव अपशब्द कहता है। अलग-अलग मंच में दामोदर यादव ब्राह्मणों के खिलाफ जहर उगला रहता है उसके बाद भी उसे सजा नहीं सुरक्षा दी जाती है। मतलब साफ है कि प्रदेश की भाजपा सरकार को ही ब्राह्मणों को गाली दिलाने में मजा आता है। दामोदर यादव समाज से आता है और उसकी मजबूती की वजह ही यादव समाज है। जबकि यादव समाज के लोग हमेशा ब्राह्मण वर्ग का सम्मान करते रहे हैं लेकिन दामोदर यादव द्वारा अपनाया गया रवेया यह बताने के लिए पर्याप्त है कि सरकार की तरफ से उसे खुली छूट दी गई है। जिसके कारण उसमें इतनी हिम्मत आती है। मुखबिरों से मिली सूचना के अनुसार दामोदर यादव को सीएम हाउस में जाने की परमीशन लेने की जरुरत नहीं पड़ती वो जब चाहे तब सीएम हाउस डाक्टर मोहन यादव से मिलने जा सकता है। यह सारी मेहरबानी बताने के लिए पर्याप्त है कि सरकार ने एक 'सांड' छोड़ रखा है जो बेलगाम होकर ब्राह्मणों पर हमला करने के लिए हमेशा तैयार रहता है। दामोदर यादव को कुछ न हो इसलिए सरकार ने उसे सुरक्षा भी दे रखी है। अब सवाल इस बात का उठता है कि सरकार और दामोदर यादव का रिश्ता क्या कहलाता है?
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