विंध्य में भाजपा ने डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल की जगह दूसरे ब्राह्मण नेता को किया तैयार अगले चुनाव से दिखेगी दूसरे नेता की ताकत

Jan 11, 2026 - 10:53
 0  166
विंध्य में भाजपा ने डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल की जगह दूसरे ब्राह्मण नेता को किया तैयार अगले चुनाव से दिखेगी दूसरे नेता की ताकत

मप्र में विंध्य एक ऐसा क्षेत्र है जहां से प्रदेश की सरकार तय होती रही है। पहले विंध्य की जनता ने कांग्रेस का समर्थन किया तो प्रदेश में लगातार कांग्रेस की सरकार बनती रही और जब विंध्य की जनता का कांग्रेस से मोह भंग हुआ तो वहां की जनता ने भाजपा का दामन थाम लिया। और नतीजे के तौर पर विंध्य के सभी जिलों में कांग्रेस का सफाया हो गया और प्रदेश से भी कांग्रेस का सफाया हो गया। इस बात में कोई सक नहीं कि विंध्य ब्राह्मण बाहुल क्षेत्र है और वहां पर ब्राह्मणों का ही वर्चश्व रहा है। पहले श्रीनिवास तिवारी ब्राह्मण नेता के रुप में स्थापित थे उनके बाद वहां की जनता ने राजेन्द्र शुक्ल को ब्राह्मण नेता के रुप में स्वीकार किया लेकिन वो न तो ब्राह्मण नेता बन पाए और न ही विंध्य के जनप्रिय नेता बन पाए। लेकिन केद्रीय नेतृत्व के करीबी होने के कारण राजेन्द्र शुक्ल का सीएम मोहन यादव भी सीधे तौर पर कुछ नहीं करते हैं लिहाजा उनकी काट के लिए किसी अन्य नेता की आवश्यकता है। इसी लिए अब विंध्य में सीएम मोहन यादव ने राजेन्द्र शुक्ल की काट के रुप में श्रीनिवास तिवारी के पौत्र और त्योंथर विधायक सिद्धार्त तिवारी पर दांव लगाना शुरु कर दिया है। इसकी बनगी उस वक्त देखने को मिली थी जब त्योंथर में कार्यक्रम था जिसमें सीएम मोहन यादव मुख्य अतिथि थे। उस बड़े कार्यक्रम में राजेन्द्र शुक्ल उपस्थित नहीं थे न ही किसी होर्डिंग बैनर में उनकी फोटो लगाई गई थी। उस सभा के बाद कई ऐसे मौके आ चुके हैं जहां पर सिद्धार्त तिवारी को लगातार आगे किया गया है। सिद्धार्त तिवारी के दादा एक ब्राह्मण नेता के रुप में स्थापित थे लिहाजा सीएम मोहन यादव को इस बात का अहसास है कि सिद्धार्त एक युवा नेता हैं और उनके दादा की ब्राह्मण वाली छवि को आगे भुनाया जा सकता है। और राजेन्द्र शुक्ल की काट के रुप में भी सिद्धार्त को आगे बढ़ाया जा सकता है। इसी लिए सीएम मोहन यादव का लगाव पिछले कुछ महीनों में सिद्धार्त तिवारी से काफी देखने को मिला है। सिद्धार्त तिवारी भी जब भोपाल में होते हैं तो वो सीएम मोहन यादव से मिलने के लिए जरुर जाते हैं। लिहाजा इस बात में कोई सक नहीं कि साल 2028 में विंध्य की सियासत में एक नए सियासी ब्राह्मण का उदय होने जा रहा है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow