इस लंका में सब 'विभीषण ही विभीषण' किस पर सक करें और किसको छोड़ें
मध्य प्रदेश राज्यसभा की तीन सीटों को लेकर भोपाल में दो दिन खूब हाई वोल्टेज ड्रामा चाल। पहले मीनाक्षी नटराजन का नामांकन फार्म निरस्त होने की खबर मिलने पर विधानसभा के बाहर प्रदर्शन नेताओं ने कांग्रेस नेताओं ने जम कर ड्रामा किया फिर बुधवार को उपवास पर बैठे कर कांग्रेस नेताओं ने आखिरी दांव खेला लेकिन शाम पांच बजे वो भी बेकर गया क्योंकि मुख्य निर्वाचन आयोग ने भी मीनाक्षी नटराजन के नामांकन फार्म में कमी पाकर कांग्रेस की याचिका को रद्द कर दिया। असल में यह पूरा स्क्रिप्टेड ड्रामा था। जिसकी कलई अब धीरे-धीरे खुलने लगी है। कांग्रेस के ही पूर्व विधायक पुरुषोत्तम दांगी ने कहा कि यह सब सुनियोजित तरीके से हुआ है। क्योंकि मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रयोगशाला चला रही है। पुरुषोत्तम माझी ने मुखबिर की खबर पर भी मुहर लगाई और कहा कि यह सब फिक्स था। मजे की बात यह है कि अब भोपाल में दो दिन तक चले कांग्रेस के हाई वोल्टेज ड्रामें की जब परतें खुलने लगी तो अब उस ड्रामें को दिल्ली तक पहुंचाने की योजना है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दावा करते हुए कहा है कि वो अपने विधायकों के साथ शुक्रवार को राष्ट्रपति से मिलने जाएंगे और उनके सामने अपनी बात रखेंगे। जीतू पटवारी के अलावा कांग्रेस में कुछ नेता पार्टी के विभीषण को तलाशते रहे लेकिन बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के अनुसार कांग्रेस कांग्रेस के एक नहीं अनेक विभीषणों का उनके पास फोन आया और उन्होंने ही मीनाक्षी नटराजन के आपराधिक प्रकरण की न सिर्फ जानकारी दी बल्कि उनके साक्ष्य भी उपलब्ध कराएं हैं। मतलब साफ है कि कांग्रेस में ढूंढने निकलेंगे तो सब विभीषण ही विभीषण हैं।
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