पीएम मोदी द्वारा डीजल-पेट्रोल बचाने की मियाद शायद खत्म हो चुकी है तभी तो चेयरमैन साहब काफिले में निकलने लगे हालाकि सीएम ईवी में ही चलते हैं
वैश्विक कच्चे तेल की अस्थिरता को देखते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल और अन्य ईंधन बचाने की अपील की थी जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी की तरफ से और सरकार की तरफ से ईंधन बचाने के अलग-अलग उपाय अपनाए गए। सीएम मोहन यादव ने सबसे पहले काफिले में कटौती की फिर ईवी कार में आ गए। मंत्रियों ने भी उनका अनुशरण किया। यहां तक कि खर्च बचाने के लिए सरकार और संगठन की तरफ से कोई इवेंट भी आयोजित नहीं किए जा रहे हैं। कुछ पदाधिकारियों ने संगठन के आदेश का पालन नहीं किया तो उन्हें नोटिस जारी हुआ यहां तक कि किसान मोर्चा के एक जिला अध्यक्ष को पद से हटा भी दिया गया। कुछ पदाधिकारियों ने पदभार ग्रहण के पहले पूरा आडंबर रचा और ई-रिक्शा से प्रदेश कार्यालय आकर बड़ा संदेश देने का प्रयास किया। लेकिन अब समय के साथ ईंधन बचाने की पीएम के अपील की मियाद अब खत्म हो चुकी है अथवा पदाधिकारियों ने पीएम की अपील को मानने से इंकार कर दिया है। क्योंकि हाल ही में आई मध्य प्रदेश वेयर हाउस एवं लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन के चेयरमैन संजय नगायच की जो तस्वीर आई है वो कुछ और ही बयां कर रही है। नगायच पन्ना दौरे पर थे जहां उनके आगे पीछे अनगिनत कारों का काफिला देखने को मिला। मतलब साफ है कि नगायच डंके की चोट के साथ काफिले का इस्तेमाल कर रहे हैं। यानि अब पीएम मोदी के अपील की मियाद खत्म हो चुकी है अथवा उनकी अपील को ठेंगा दिखा दिया गया है।
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