सीएम के आगे मंत्रियों की बोलती बंद कैबिनेट के बाद मंत्रियों ने कहा उल्टी गंगा कैसे बह रही 13 मई के अंदर सभी विभागों की मांगी समीक्षा रिपोर्ट
मोहन सरकार नई तबादला नीति को लेकर काफी गंभीर नजर आ रही है। मुख्यमंत्री डाक्टर मोहन यादव ने खुद अधिकारियों से सवाल करते हुए पूछा है कि नई तबादला नीति का क्या हुआ। हांलांकि जब सीएम अधिकारियों से नई तबादला नीति को लेकर सवाल कर रहे थे उस वक्त अन्य मंत्री हैरान हो रहे थे कि आज उल्टी गंगा कहां से बह निकली। आम तौर पर कैबिनेट बैठक में मंत्री सीएम से कहते नजर आते थे की तबादलों पर से लगा बैन हटाया जाए लेकिन इस बार सीएम मोहन यादव ने अधिकारियों से मैं सवाल कर मंत्रियों की बोलती बंद कर दी। सीएम के अधिकारियों से सवाल करने के बाद कोई भी मंत्री उन से यह सवाल नहीं कर पाया कि तबादलों पर लगा बैन कब हटने जा रहा है। इसके अलावा सीएम मोहन यादव सरकार के ढाई साल पूरा होने के मौके पर सभी विभागों की रिव्यू रिपोर्ट भी मांगी रहे हैं। सीएम मोहन यादव ने अधिकारियों से कहा है कि 13 भी को सरकार अपने कार्यकाल के ढाई साल पूरे करने जा रही है। लिहाजा उसके पहले सभी विभाग के प्रमुख बताएं कि उनके विभाग में कितना विकास हुआ है। सीएम यादव ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिया है कि आठ से दस मई के बीच सभी मंत्री अपने विभागों की समीक्षा करें। इतना ही नहीं सीएम यादव ने ये भी कहा है कि जिला विकास समितियों की 12 मई के अंदर बैठकें करें। बैठक के दौरान सीएम मोहन यादव ने कहा है कि हाल ही में निगम-मंडलों में अशासकीय नियुक्तिया और नामांकन किए गए हैं लिहाजा राज्य स्तर पर इन सभी का उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया जाना चाहिए। कैबिनेट बैठक के दौरान अन्य कई मुद्दों पर भी मुहर लगी है लेकिन जिस प्रकार से सीएम ने तबादला नीति को लेकर प्रश्न किया है वो मंत्रियों के गले नहीं उतर रहा है। कैबिनेट बैठक के बाद कुछ मंत्रियों को फुसफुसाते हुए भी देखा गया जिसमें मंत्री सीएम द्वारा तबादला नीति का सवाल करने पर हैरान होते नजर आए। कुछ मंत्री कहते नजर आ रहे थे कि इसके पीछे सीएम की मंशा क्या है।
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