बिहार में NDA की जीत तयं,बूथ-बूथ और घर-घर भाजपा का प्रचार,मंच और रैली तक सिमटा इंडिया गठबंधन
बात जब चुनाव की होती है तो भाजपा की जमीनी जमावट का कोई तोड़ नहीं होता है। तेजस्वी यादव के हर घर नौकरी के अभियान को भाजपा के कार्यकर्ता घर-घर जाकर तहस नहस कर रहे हैं। दरअसल बिहार में छह और 11 अक्टूबर को होने वाली वोटिंग के लिए चुनाव प्रचार पूरे शबाब पर है। बिहार में सालों से सत्ता से दूर राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस ने आपस में मिल कर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। इस बीच राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजश्वी यादव ने एक बड़ा दांव चलते हुए हर घर में एक व्यक्ति को शासकीय नौकरी देने का वादा किया है जिसके कारण बिहार चुनाव काफी दिलचश्प हो गया है। तेजश्वी के दांव पर केन्दीय गृह मंत्री अमित शाह ने ये कह कर पानी फेर दिया है कि बिहार में हर घर से अगर नौकरी दी जाती है तो 12 लाख करोड़ रुपये की जरुरत पड़ेगी जबकि बिहार का बजट करीब साढ़े तीन लाख करोड़ का है। लिहाजा तेजश्वी यादव तो दावे कर रहे हैं और युवाओं को सपने दिखा रहे हैं तो उन्हे यह भी मालूम होना चाहिए कि बिहार का युवा पढ़ा लिखा है। और उन्हे राज्य की आर्थिक स्थिति मालूम है इसलिए वो तेजश्वी के हवा हवाई वादे पर विश्वास नहीं करेंगे। दूसरी तरफ एनडीए और इंडिया गठबंधन के चुनाव प्रचार की बात करें तो एक दोनों के बीच बड़ा अंतर है। क्योंकि इंडिया गठबंधन की तरफ से राहुल और तेजश्वी यादव सिर्फ मंचों पर भाषण और रैलियों पर निर्भर हैं। लेकिन भारतीय जनता पार्टी का चुनाव उससे बेहद अलग है। भाजपा के बड़े नेता मंच और रैलियों के माध्यम से चुनाव प्रचार कर रहे हैं। बांकी के कार्यकर्ता बूथों पर सक्रिय हैं। भाजपा ने 'मेरा बूथ-सबसे मजबूत' अभियान चला कर अपने ही कार्यकर्ताओं के बीच प्रतिस्पर्धा खड़ी कर दिया है जिसके परिणाम पॉजिटिव आ रहे हैं। भाजपा का हर कार्यकर्ता अपने बूथ को मजबूत करने की जद्दोजहद में जुट गया है। हर बूथ में भाजपा के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उतर चुके हैं। और यही भाजपा की स्ट्रेंथ है जिसके बल पर भाजपा चुनाव जीतती है। उसके अलावा भाजपा ने एमपी,यूपी,दिल्ली,हरियाणा और राजस्थान से अपने चुनिंदा नेताओं को बिहार भेज दिया है जो संगठनात्म प्रक्रिया के माहिर माने जाते हैं। जिन नेताओं का चुनाव प्रबंधन काफी मजबूत है ऐसे नेता बिहार में भाजपा के लिए चुनाव प्रचार करने के साथ रणनीति बना रहे हैं। इन सब बातों को देखते हुए यह स्पष्ट है कि शोर शराबे के बीच कठिन दिख रहे चुनाव को एनडीए गठबंधन एकतरफा जीतने वाला है।
What's Your Reaction?