बीजेपी की प्रदेश कार्यसमिति में क्या होंगे मुद्दे पढ़िए मुखबिर पर पूरी खबर
भगवान रामराजा की नगरी ओरछा में होने वाली भाजपा की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक पार्टी और पदाधिकारियों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण होने वाली है। बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में यह पहली प्रदेश कार्यसमिति की बैठक है। बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल एक कुशल रणनीतिकार और संगठक माने जाते हैं लेकिन उनके अध्यक्ष बनने के बाद भाजपा को विजयपुर और फिर दतिया उप चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है। जबकि हेमंत खंडेलवाल को जब लोकसभा चुनाव में प्रबंधन समिति का प्रदेश संयोजक बनाया गया था तब पार्टी ने पहली बार 29 लोकसभा सीटों में चुनाव जीत कर एक नया इतिहास बनाया था। जबकि उस वक्त हेमंत खंडेलवाल प्रदेश अध्यक्ष नहीं सिर्फ लोकसभा चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक थे उसके बाद भी उनकी मजबूत रणनीति ने असर दिखाया। और अब हेमंत खंडेलवाल प्रदेश अध्यक्ष हैं सारे अधिकार उनके पास हैं फिर भी पार्टी को दो उप चुनाव में हार का सामना करना पड़ चुका है। यह सवाल प्रदेश अध्यक्ष के मन में भी चल रहे होंगे जिसके जवाब वो प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में ढूंढना चाहेंगे। उसके अलावा पार्टी में बढ़ती अनुशासन हीनता भी एक बड़ा विषय बन चुका है। राज्य सरकार के ढाई साल बीत चुके हैं और अब ढाई साल का वक्त बचा है। भाजपा अभी से अपनी चुनावी रणनीति को धरातल में उतारने का प्रयास करेगी। क्योंकि भाजपा के प्रति बढ़ता जन आक्रोश भी भाजपा के लिए समस्या का सबब बनता जा रहा है। इसके अलावा भी बहुत से मुद्दे हैं जिन पर भगवान राम के दरवार में चर्चा होनी है। अन्य क्या मुद्दे हो सकते हैं जिन पर चर्चा हो सकती है वो इस प्रकार हैं।-
2028 की तैयारी साल 2028 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी की रणनीति और रोडमैप तैयार करना।
निगम-मंडल नियुक्तियां लंबे समय से रुकी हुई निगम और मंडलों की नियुक्तियों पर फैसला लेना और सूची को हरी झंडी दिखाना।
दतिया उपचुनाव मंथन दतिया विधानसभा उपचुनाव में पार्टी को मिली हार के कारणों पर समीक्षा और सुधार के उपाय।
युवाओं और नए मतदाताओं तक पहुंच युवाओं को पार्टी से जोड़ने के लिए विशेष अभियान और कार्यक्रमों की रूपरेखा।
केंद्रीय नेताओं का सम्मान राष्ट्रीय स्तर पर मध्य प्रदेश से चुने गए और जिम्मेदारी पाने वाले नेताओं का अभिनंदन समारोह।
What's Your Reaction?