हितानंद शर्मा की बिदाई के बाद अब फुल फार्म में दिखेंगे अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल संगठन में अब कसावट पर होगा जोर
मध्य प्रदेश भाजपा की सर्जरी तो उसी दिन हो चुकी थी जिस दिन प्रदेश अध्यक्ष के रुप में हेमंत खंडेलवाल का निर्वाचन हुआ लेकिन उस सर्जरी के घाव अब तक नहीं भर पाए थे। प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की बिदाई के बाद अब प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल घाव को भरने के लिए उसमें ऐसा मरहम लगाने की तैयारी में हैं जिससे न सिर्फ घाव भरे बल्कि घाव के दाग़ भी मिट जाएं। दरअसल भारतीय जनता पार्टी में संगठन और संघ के बीच समन्वय बनाए रखने के लिए संघ की तरफ से प्रदेश संगठन महामंत्री रखने की परंपरा है। लेकिन जो भी संगठन महामंत्री का दायित्व संभालते हैं वो खुद को प्रदेश अध्यक्ष और सरकार से ऊपर समझने लगते हैं जिसके कारण संगठन और सरकार की तरफ से की जाने वाली नियुक्तियों में भी वो सीधा हस्तक्षेप करते हैं और ऐसी स्थिति में भाजपा का संगठनात्मक ढांचा कई बार ध्वस्त होने की स्थिति में आ जाता है। कुछ ऐसा ही एमपी बीजेपी के संगठन में भी देखने को मिल रहा था। पूर्व अध्यक्ष वीडी शर्मा के दौर में भी हितानंद शर्मा ने अपने मन की खूब चलाई लेकिन वो तेज अध्यक्ष निकले जिसके कारण हितानंद शर्मा पूरी तरह से मनमानी नहीं कर पा रहे थे लेकिन अध्यक्ष बदलते ही हितानंद शर्मा फिर फुल फ्लैस में आ गए और अपनी मर्जी चलाने लगे। वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष काफी विनम्र और सहज प्रवित्ति के नेता हैं वो किसी काम में जल्दी प्रतिक्रिया नहीं देते हैं। हर काम को सोच विचार करने की उनकी अपनी खूबी है। और उनकी विनम्रता ही कमजोरी का कारण साबित हो रही थी। करीब महीने भर से चल रही निगम-मंडल की जद्दोजहद भी इसी का परिणाम है। यहां तक कि भाजपा अभी भी प्रदेश के सभी जिलों की कार्यकारिणी घोषित नहीं कर पाई थी क्योंकि वहां भी अड़चनें आ रही थी। लेकिन अब हितानंद शर्मा के जाने के बाद प्रदेश अध्यक्ष फ्री- हैंड स्टाइल में काम करने के मूड में हैं। Mukhbir को मिली सूचना के अनुसार मप्र भाजपा संगठन में कसावट लाने के लिए प्रदेश अध्यक्ष कुछ बड़े फैसले लेने वाले हैं। 25 सदस्यीय प्रदेश कार्यकारिणी तो पहले ही जारी हो चुकी थी उसके बाद तीन और नियुक्तियां कर कार्यकारिणी की संख्या 28 तक पहुंच चुकी थी लेकिन अब खबर है कि कुछ और भी नियुक्तियां होने वाली हैं जिससे पार्टी के हर काम की निगरानी की जा सके। इसके अलावा प्रदेश कार्यसमिति और सभी प्रकोष्ठों के प्रभारियों की नियुक्ति भी करना बांकी है। लिहाजा पार्टी के कार्यकर्ताओं की नजर अब प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल की तरफ लगी हुई हैं कि वो कब अपने पत्ते खोलेंगे और नियुक्तियों का दौर पुनह प्रारंभ होगा। सूचना के अनुसार पहले निगम-मंडलों की सूची जारी होगी फिर प्रदेश कार्यसमिति और उसके बाद प्रकोष्ठों का नंबर आने वाला है। मतलब साफ है कि भाजपा में अभी थोक में नियुक्तियां होने वाली हैं और प्रदेश अध्यक्ष अब अपने हिसाब ने नियुक्तियां कर संगठन के कामों में गति लाने का प्रयास करेंगे।
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