पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के अंदर का दर्द आया बाहर कहा उनको पार्टी कोई काम नहीं दे रही
मध्य प्रदेश कांग्रेस के कद्दावर नेता और विंध्य के सबसे बड़े चेहरे के रुप में पहचाने जाने वाले नेता अजय सिंह (राहुल) भैया के पास इस वक्त कोई काम नहीं है। वो आए दिन सार्वजनिक मंचों पर इस बात का खुलासा करते रहते हैं कि पार्टी ने पद देना तो दूर उन्हे कोई काम ही नहीं दिया जिसे वो करें और पार्टी को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाएं। गौरतलब है कि अजय सिंह मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में भी रह चुके हैं और दिग्विजय सरकार में मंत्री रहे हैं। विंध्य से कांग्रेस के बड़े चेहरों में एक लौते नेता हैं फिर भी पार्टी उनकी क्षमताओं का इस्तेमाल नहीं कर रही जबकि कांग्रेस अपने संगठन को मजबूत करने के लिए अलग-अलग तरह के कई अभियान चला रही है फिर भी किसी भी अभियान में अजय सिंह को इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। साल 2018 में जब वो चुरहट से विधानसभा चुनाव हारे थे तभी से पार्टी में उनकी उपेक्षाओं का दौर शुरु हो गया। कोई काम नहीं होने के कारण अजय सिंह आए दिन सार्वजनिक मंच से पार्टी पदाधिकारियों तक यह बात पहुंचाने का प्रयास करते रहते हैं कि उनके पास कोई काम नहीं है। कई बार इस बात के भी कयास लगाए गए कि अजय सिंह भाजपा ज्वाइन करने वाले हैं लेकिन हकीकत यह है कि अजय सिंह अब भाजपा के लिए अनुपयोगी हो चुके हैं। क्योंकि विंध्य में भाजपा बहुत मजबूत है लिहाजा अब भाजपा ऐसे सीनियर नेता को शामिल करके पार्टी के अंदर ही नेताओं में अंतर्कलह नहीं चाहती इसी लिए अजय सिंह भाजपा के लिए अनुपयोगी हैं। उम्र के इस पड़ाव में अब अजय सिंह अपनी राजनीतिक विरासत को बचाएं रखने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं लेकिन कांग्रेस में अब एक नए युग का आगाज हो चुका है जहां युवा और जोशीले नेताओं को आगे किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में अजय सिंह अब न तो खुद की पार्टी कांग्रेस के लिए किसी काम के रहे और न ही भाजपा उन्हें किसी काम का मानती है। लिहाजा अजय सिंह अब सिर्फ सार्वजनिक मंचों से ही अपनी पीड़ा व्यक्त कर खुद को सांत्वना दिला देते हैं।
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