भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने सटीक निशाना लगा कर 'टारगेट' किया फिक्स समय आने पर दिखेंगे तीर के निशान
मध्य प्रदेश भाजपा के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रदेश कार्यालय में बैठकों का दौर लगातार चलता रहता है। मंगलवार को भी भाजपा के प्रदेश कार्यालय में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल के नेतृत्व में अनुसूचित जनजाति मोर्चा की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह, प्रदेश सह प्रभारी सतीश उपाध्याय, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. निशांत खरे, मोर्चा प्रभारी मनोरंजन मिश्रा, मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज टेकाम सहित मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। बैठक में कांग्रेस की रणनीति को लेकर भी चर्चा की गई है। जिस प्रकार से नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार आदिवासी वर्ग को हिंदू न होने की बात करते हैं उसके अलावा आदिवासी वर्ग को लगातार उपेक्षित करने का आरोप लगाते हैं ऐसे विषयों पर भी बैठक में गंभीर विचार विमर्श किया गया है। इसके अलावा विजयपुर विधानसभा सीट को लेकर जिस प्रकार से फैसला आया और उसमें कांग्रेस के विधायक की विधायकी को शून्य घोषित किया गया था उन विषयों पर भी बैठक के दौरान काफी चर्चा हुई है। भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने मिशन 2027 और फिर 28 को लेकर अभी से जुटने के लिए कहा है। मोर्चा पदाधिकारियों से साफ कहा गया है कि आदिवासी बाहुल क्षेत्रों में लगातार पार्टी के कार्यक्रम आयोजित होने चाहिए। आदिवासी वर्ग को यह लगातार बताने की जरुरत है कि भाजपा की मोहन सरकार और मोदी सरकार किस प्रकार से आदिवासी हितैषी काम कर रहे हैं और उनके हित में योजनाएं बना रहे हैं। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में 47 से अधिक ऐसी विधानसभा सीटें हैं जहां आदिवासी वर्ग का वर्चस्व है और वही सरकार की हार जीत तय करते हैं। आदिवासी वर्ग जिस पार्टी की तरफ गया है उसी पार्टी की सरकार बनी है। इस बैठक के दौरान ही सभी नेताओं ने आदिवासियों के पारंपरिक हथियार तीर कमान हाथ में थामा और सभी पदाधिकारियों ने सटीक निशाना लगा कर यह बताने का प्रयास किया कि भाजपा का निशाना सटीक है समय आने पर कमान से तीर छूटेगा तो टारगेट पर ही लगेगा। इन नेताओं के टारगेट पर कौन है यह बात जरुर रहस्य का विषय है।
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