मंत्री देंगे तीन साल के विकास का विजन सदन में सरकार को घेरने के लिए विपक्ष ने बनाई ठोस रणनीति
17 दिसंबर को आयोजित मप्र विधानसभा के विशेष सत्र में मध्यप्रदेश को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने पर चर्चा होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संपूर्ण राष्ट्र “विकसित भारत” के संकल्प की सिद्धी की ओर अग्रसर है। विकसित भारत के लिए विकसित मध्यप्रदेश आवश्यक है और इसमें विधायिका की अपनी भूमिका और दायित्व है। प्रदेश को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के इसी विज़न पर सदन में चर्चा होगी।प्रातः 10.00 बजे राज्यपाल मंगुभाई पटेल विधानसभा परिसर में विधानसभा की 7 दशक की यात्रा पर चित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ करेंगे। इस ऐतिहासिक चित्र प्रदर्शनी मे 136 चित्र लगाये गये है। इसमें कुछ दुर्लभ चित्र भी सम्मिलित हैं। ये चित्र प्रथम विधानसभा से वर्तमान सोलहवीं विधानसभा के विभिन्न महत्वपूर्ण अवसरों के हैं। यह प्रदर्शनी विशेषकर विद्यार्थियों के साथ विशिष्ष्ट जनों एवं आम नागारिकों के लिए भी खुली रहेगी, 18 से 25 दिसंबर के बीच विधानसभा में प्रवेश पत्र बनवा कर प्रदर्शनी देख सकते हैं। प्रवेश पत्र के लिए आधार कार्ड/विद्यालय/महाविद्यालय का परिचय पत्र भी लाना आवश्यक रहेगा। इस प्रदर्शनी के साथ मध्यप्रदेश सरकार के विकास कार्यों के भी छाया चित्र लगाए गए है, जिसमें प्रदेश सरकार के 2 वर्ष के कामकाज का लेखा−जोखा रखा गया है। यह ऐतिहासिक प्रदर्शनी मध्यप्रदेश के 5 हजार से अधिक जनप्रतिनिधियों के योगदान को भी याद कराती है। विस अध्यक्ष ने कहा कि इस विशेष सत्र में सभी सदस्य विकसित मध्यप्रदेश के विजन को धरातल पर उतारने के लिए क्या कदम उठाना चाहिए इस पर अपने विचार व्यक्त करेंगे। तोमर ने कहा कि आज हमारा प्रदेश विकासशील राज्यों में गिना जाता है।
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