राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस में प्रत्याशी को लेकर घमासान विधायकों ने कहा हमारी सहमति से हो उम्मीदवार का चयन
मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों पर 18 जून को होने वाले चुनाव के लिए कांग्रेस में प्रत्याशी चयन को लेकर खींचतान तेज हो गई है। नेतृत्व की चुप्पी के बीच विधायकों ने मांग की है कि विधायक दल की बैठक बुलाकर उनकी राय से ही उम्मीदवार तय किया जाए।
नामांकन की डेडलाइन नजदीक, पर नाम फाइनल नहीं
तीन सीटों के लिए 8 जून तक नामांकन भरा जा सकता है। यानी सिर्फ 13 दिन बचे हैं, लेकिन किसी भी नाम पर सहमति बनती नहीं दिख रही। जातिगत समीकरणों को लेकर पेंच फंसा है तो क्रॉस वोटिंग के डर से दावेदार भी खुल कर दावेदारी करने की हिम्मत नहीं जुटा रहे। सोमवार को दिल्ली में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात कर प्रत्याशी चयन और चुनाव से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की लेकिन कोई निर्णय नहीं हो सका। अब अगली मुलाकात में उम्मीदवार चयन पर फिर होगी बात।
विधायकों का दबाव: 'बैठक बुलाओ, राय लो'
अधिकतर विधायक चाहते हैं कि विधायक दल की बैठक बुलाकर उनकी राय ली जाए। पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि पहले भी ऐसा हुआ है।
क्यों फंसा है पेंच?
1. जातिगत समीकरण: अभी राज्यसभा में कांग्रेस के दो सदस्य विवेक तन्खा ब्राह्मण और अशोक सिंह ओबीसी वर्ग से हैं। पार्टी अब SC-ST या महिला चेहरे पर दांव लगा सकती है।
2. महिला प्रत्याशी की तलाश: भाजपा के पास MP की 8 में से 3 सीटों पर महिलाएं हैं, जबकि कांग्रेस से कोई महिला नहीं। इसी कारण पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन का नाम चर्चा में है, पर कुछ विधायक सहमत नहीं।
3. क्रॉस वोटिंग का डर: पार्टी सर्वमान्य चेहरा तलाश रही है ताकि वोट कटने से बचा जा सके।
किसकी सीट खाली हो रही?
21 जून को जो तीन सीटें रिक्त हो रही हैं, उनमें कांग्रेस से दिग्विजय सिंह की सीट है। वे अगले कार्यकाल के लिए राज्यसभा में जाने से मना कर चुके हैं।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक सहमति नहीं बनने पर हाईकमान नया नाम सामने ला सकता है। इसी सप्ताह खरगे फिर नेता प्रतिपक्ष के साथ चर्चा करेंगे।
Key Highlights:
- चुनाव तारीख: 18 जून को मतदान
- नामांकन अंतिम तिथि: 8 जून 2026
- कांग्रेस की सीट: दिग्विजय सिंह की सीट खाली
- बड़ी चुनौती: क्रॉस वोटिंग रोकना और जातिगत बैलेंस साधना
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