NHM के 32 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मी आंदोलन की राह पर सरकार को दिया 20 दिन का अल्टीमेटम
मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के 32 हजार संविदा कर्मचारी फिर आंदोलन की तैयारी में हैं। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ मध्यप्रदेश ने सरकार को 20 दिन का अल्टीमेटम दिया है। मांगें पूरी नहीं हुईं तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने सभी जिला CMHO को पत्र भेजकर आंदोलन की सूचना दी है। संघ का कहना है कि मुख्यमंत्री की उपस्थिति में 30 जनवरी 2026 को दशहरा मैदान, टी.टी. नगर में हुए अभिनंदन कार्यक्रम में संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की घोषणा हुई थी। लेकिन 1 साल बीतने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे कर्मचारियों में आक्रोश है।
संघ की 8 प्रमुख मांगें
1. नियमितीकरण: 30 जनवरी 2026 की CM की घोषणा के अनुसार सभी NHM संविदा कर्मियों को नियमित किया जाए।
2. NPS और स्वास्थ्य बीमा: सामान्य प्रशासन 2023 की नीति अनुसार लाभ दिया जाए।
3. वार्षिक वेतन वृद्धि: अन्य राज्यों की भांति 10% वार्षिक वेतन वृद्धि दी जाए।
4. महंगाई भत्ता: नियमित कर्मचारियों की भांति DA दिया जाए।
5. CHO का वेतन: सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के वेतन में PBI समायोजित कर पूर्व की भांति इंक्रीमेंट दिया जाए।
6. वेतन विसंगति दूर हो: शासन द्वारा समकक्षता निर्धारण गलत किया गया है, उसे संशोधित किया जाए।
7. अवकाश: नियमित कर्मचारियों की भांति अवकाश दिया जाए।
8. समान काम-समान वेतन: समान कार्य एवं समान वेतन-सुविधाएं न मिलने तक सार्थक ऐप बंद किया जाए।
20 दिन का अल्टीमेटम
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 20 दिन के भीतर मांगों का निराकरण नहीं हुआ तो जिले के समस्त कर्मचारी चरणबद्ध आंदोलन के लिए विवश होंगे।
32 हजार कर्मचारियों का हवाला
पत्र में कहा गया है कि प्रदेश में NHM के 32 हजार कर्मचारी स्वास्थ्य सेवा के संचालन में निष्ठापूर्वक सेवाएं दे रहे हैं। इन्हीं के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश को सम्मानित किया गया है, लेकिन इनके हितों की अनदेखी की जा रही है।
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