मध्य प्रदेश में पानी की व्यवस्था और उसकी निगरानी के लिए 'कंट्रोल रूम' होगा स्थापित जल सप्लाई में लगे अधिकारियों की छुट्टी रद्द
मध्य प्रदेश में बढ़ते जल संकट के बीच सीएम मोहन यादव ने बड़ा फैसला काया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर प्रदेशभर में पेयजल व्यवस्था की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। जल सप्लाई से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों की छुट्टियों पर भी तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। सरकार ने पेयजल की व्यवस्था के लिए 1500 करोड़ रुपए की राशि जारी की है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सभी कलेक्टरों, नगर निगम, पंचायत, पीएचई और जल निगम अधिकारियों को निर्देश दिया है। मुख्य सचिव ने पेयजल संकट वाले इलाकों में युद्धस्तर पर काम करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि हर जिले में सेंट्रल कंट्रोल रूम बनाया जाए और कलेक्टर स्वयं इसकी मॉनिटरिंग करें। मुख्य सचिव ने साफ कहा कि टैंकरों के जरिए पानी सप्लाई में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। जरूरत वाले क्षेत्रों तक समय पर पानी पहुंचे, इसकी रोज समीक्षा की जाए। साथ ही टैंकरों के दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। इस हाई लेवल मीटिंग के माध्यम से आम जनता को राहत देने का पूरा प्रयास किया गया है।
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