निगम-मंडलों की नियुक्ति पर लगेगा 'पूर्ण विराम' सूची तैयार राष्ट्रीय नेतृत्व की आखिरी मुहर लगना बांकी
लंबे समय से निगम-मंडलों के लिए चल रही जद्दोजहद पर अब पूर्ण विराम लगने का आसार दिखाई पड़ने लगा है। दरअसल पार्टी के अंदर चल रही खींचतान के कारण और बड़े नेताओं द्वारा अपने समर्थकों को निगम-मंडल में अर्जेस्ट करने का संगठन और सरकार में लगातार दबाव बनाया जा रहा था और यही कारण है कि अभी तक निगम-मंडलों की घोषणा नहीं हो पाई। इस मामले को लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व ने भी मध्य प्रदेश सरकार और संगठन के प्रति नाराजगी जताई जिसके बाद सोमवार को संघ,संगठन और सरकार की समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में संघ की तरफ से सुरेश सोनी,दीपक विस्पुते सहित कुछ अन्य पदाधिकारी शामिल हुए तो वहीं प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल,सरकार की तरफ से सीएम मोहन यादव मंत्री प्रहलाद पटेल और कैलाश विजयवर्गीय को भी शामिल किया गया। करीब तीन घंटे तक चली मैराथन बैठक में निगम-मंडलों की नियुक्ति को लेकर चर्चा हुई। जिन नेताओं के द्वारा नियुक्तियों में ज्यादा टांग अड़ाई जा रही है उन नेताओं की भी चर्चा हुई। उसके बाद प्रदेश के सभी 11 संभागों में नाम मांगे गए। सरकार और संगठन की तैयारियां पहले से ही थी लिहाजा नाम देने में समय नहीं लगा। निगम-मंडल में ऐसे नेताओं को शामिल करने पर विचार किया गया जो नगरीय निकाय चुनाव और फिर साल 2028 में होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए तुरुप का इक्का साबित हो पाएं। निगम-मंडल में कुछ विधायकों और पूर्व विधायकों को भी शामिल करने की योजना तैयार हुई है। बैठक के दौरान ये भी विषय आया कि इन नियुक्तियों में हर वर्ग को प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए लेकिन एससी और एसटी पर ज्यादा फोकस करने के लिए कहा गया है। Mukhbir को मिली सूचना के अनुसार करीब 32 नामों की सूची तैयार कर दिल्ली में राष्ट्रीय नेतृत्व के पास भेज दिया गया है। राष्ट्रीय नेतृत्व की तरफ से लिस्ट पर मुहर लगते ही जारी कर दिया जाएगा और लंबे समय से चल रहे निगम- मंडल की नियुक्तियों पर पूर्ण विराम लगा दिया जाएगा।
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