बुढ़ापे में 'हनीमून' ट्रिप मिला विधायक फ्लाइट में बैठ गए उतने में हरीश चौधरी के पास फोन आया लौट आओ नामांकन रद्द हो गया
मंगलवार का दिन मध्य प्रदेश के इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा। दरअसल हर व्यक्ति सिर्फ विधायकों के आंकड़े गिनाने में व्यस्त था और कांग्रेस अपने नेताओं की बाड़ेबंदी में लगी हुई थी। किसी ने यह नहीं सोचा था कि नामांकन भी दद्द हो सकता है। कांग्रेस तो अपने विधायकों को फ्लाइट में बैठा चुकी थी। विधायक बहुत खुश थे क्योंकि बुढापे में ही सही उन्हें मुफ्त में हनीमून ट्रिप मिला था तो वो कैसे उस आफर को छोड़ सकते थे। लिहाजा जैसे ही कांग्रेस ने विधायकों को एमपी से बाहर जाने का निर्देश दिया तो कुछ विधायक अपनी फैमिली के साथ निकल पड़े। मन में हजारों अरमान संजोए विधायक फ्लाइट में बैठ गए सेल्फी का दौर शुरु हो गया। उधर फ्लाइट उड़ान नहीं भर रहीं थीं तो विधायकों के पेट में गुड़गुड़ाहट होने लगी। आखिर में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के पास फोन आया कि वापस लौट आओ नामांकन रद्द हो गया है। फिर क्या था ऐसा लगा मानो कांग्रेस विधायकों के पैर के नीचे की जमीन ही खिसक गई हो। सभी विधायक आनन-फानन में फ्लाइट से उतरे और कांग्रेस कार्यालय की तरफ भागे। तब तक पिक्चर समाप्त हो चुकी थी। जो विधायक फाइवस्टार होटल के नारम-नरम गद्दों में सोने का सपना संजो रहे थे उन्ही विधायकों को भोपाल में निर्वाचन आयोग के बाहर तपती जमीन में दरी के ऊपर लेटना पड़ा। दरी के नीचे कंकड़-पत्थर भी थे जो गड़ रहे थे लेकिन जब पार्टी के मुखिया पटवारी और नेता प्रतिपक्ष जमीन पर लेटे थे तो उनकी मजबूरी थी कि वो भी दरी पर ही लेटें।
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