लापता 'कुतिया' ढूंढने के लिए PMO कार्यालय में हुई शिकायत पुलिस और प्रशासन को आठवें दिन मिली कामयाबी
भोपाल के अवधपुरी क्षेत्र की एक कवर्ड कॉलोनी में इन दिनों एक कुतिया चर्चा का विषय बनी हुई है। दरअसल भेल क्षेत्र में एक महिला डॉक्टर नियमित रूप से एक घुमंतू मादा श्वान को खाना खिलाती थीं। इसी दौरान कॉलोनी के रहवासियों ने क्षेत्र से आवारा कुत्तों को हटाने का निर्णय लिया और उसी क्रम में उस मादा कुतिया को भी कॉलोनी से दूर छोड़ दिया गया।इससे नाराज महिला डॉक्टर ने मामले की शिकायत भेल प्रबंधन, पुलिस आयुक्त, नगर निगम आयुक्त और यहां तक कि प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तथा पशु अधिकार से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय संस्था पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पेटा) तक कर दी। शिकायतों की लंबी सूची देखकर भेल प्रबंधन ने संबंधित कर्मचारी को श्वान को ढूंढकर वापस लाने के निर्देश दे दिए। काफी मशक्कत के बाद कालोनी वालों और भेल कर्मचारियों की मेहनत रंग लाई और आठवें दिन ‘नॉन-वेज कूटनीति’ काम आई और मादा श्वान को सुरक्षित पकड़ लिया गया। इसके बाद उसे वापस कॉलोनी लाया गया। श्वान के वापस आने पर महिला डॉक्टर का गुस्सा शांत हुआ और तब जाकर प्रबंधन ने भी राहत की सांस ली। महिला डाक्टर का पशुप्रेम भोपाल की जनता के लिए एक मिशाल बना कर सामने आया है। लेकिन जिस प्रकार से आवारा कुत्ते भोपाल की जनता के लिए समस्या का सबब बने हुए हैं वो भी एक बड़ी समस्या है।
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