बीजेपी के मोर्चा कार्यालयों में AC चलने से बढ़ रहा बिजली बिल संबंधित पदाधिकारियों ने जताई नाराजगी

Jun 25, 2026 - 09:46
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बीजेपी के मोर्चा कार्यालयों में AC चलने से बढ़ रहा बिजली बिल संबंधित पदाधिकारियों ने जताई नाराजगी

मध्य प्रदेश भाजपा कार्यालय में अनुशासन के साथ फिजूल खर्ची पर भी लगातार ध्यान दिया जा रहा है। पार्टी की तरफ से बनाए गए कार्यालय मंत्री श्याम महाजन और प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेन्द्र बरुआ (Shailendra Barua) फिजूल खर्ची रोकने के लिए तरह-तरह के प्रयास भी कर रहे हैं लेकिन सातों मोर्चा कार्यालयों में फिजूल खर्ची की शिकायत मिली है। बुधवार को प्रदेश उपाध्यक्ष अचानक मोर्चा कार्यालयों की जांच करने निकले। हांलांकि वो सभी मोर्चा कार्यालयों के अंदर नहीं गए एक-एक करके बाहर से ही मोर्चा कार्यालयों को झांकते हुए मीडिया विभाग के दूसरे कक्ष यानि जिसमें प्रवक्ता और पैनलिस्ट बैठते हैं उस कार्यालय में प्रदेश उपाध्यक्ष अचानक घुस गए जहां पहले से ही कार्यालय मंत्री श्याम महाजन मौजूद थे। जैसे ही प्रदेश उपाध्यक्ष मीडिया कक्ष में गए तो पहले उन्हें बैठने के लिए कुर्सी दी गई फिर कार्यालय मंत्री श्याम महाजन ने उपाध्यक्ष शैलेन्द्र बरुआ (Shailendra Barua) से कहा कि मोर्चा कार्यालयों की एसी लगातार चलती रहती है। उसमें पदाधिकारी हों अथवा न हों लिहाजा एसी दिन रात 24 घंटे चलती रहती है। जैसे ही कार्यालय मंत्री ने प्रदेश उपाध्यक्ष से इस मामले की शिकायत की तो वो थोड़ा ठहरे और धीरे से कहा कि फिजूल खर्ची पर रोक लगाइए। गौरतलब है कि अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में बनी नई कार्यकारिणी के बाद जबसे श्याम महाजन को कार्यालय मंत्री का जिम्मा मिला है तब से वो फिजूल खर्ची पर खासा ध्यान दें रहे हैं। उसके परिणाम स्वरुप सबसे पहले पानी की बाटल पर रोक लगाई गई थी। उसके बाद फिजूल खर्ची रोकने के लिए कुछ और अलग-अलग उपाय अपनाए गए लेकिन सारे उपाय अब तक नाकाफी साबित हुए हैं और उन उपायों का ज्यादा असर मोर्चों के पदाधिकारियों पर नहीं पड़ा है। फिजूल खर्ची रोकने का आलम तो यहां तक पहुंचा कि नई कार्यकारिणी बनने के बाद कुछ कर्मचारियों की छंटनी तक की गई और जो पुराने कर्मचारी हैं जिसमें प्यून शामिल हैं उनके प्रतिवर्ष होने वाले इंक्रीमेंट में भी कटौती की गई। हर दीपावली में बीजेपी कार्यालय में पदस्थ कर्मचारियों को दस फीसदी इंक्रीमेंट दिया जाता था जो पिछली दिवाली में नहीं दिया गया। दो महीने पहले इंक्रीमेंट लगा तो उसमें कटौती कर कुछ कर्मचारियों को पांच,कुछ कर्मचारियों को सात फीसदी इंक्रीमेंट दिया गया। कुछ कर्मचारियों को इंक्रीमेंट ही नहीं दिया गया। कुल मिला कर प्रदेश कार्यालय में फिजूल खर्ची रोकने के लिए तमाम तरह के प्रयास किए जा रहे हैं।

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