'ब्राह्मणों' के अपमान पर मौन कांग्रेस आदिवासियों के अपमान पर भाजपा को दिखाएगी 'औकात'
मध्य प्रदेश कांग्रेस का दोहरा चरित्र एक बार फिर सामने आया है जब वो आदिवासी वर्ग के अपमान को लेकर सड़क में उतरने का ऐलान कर रही है। इसी मध्य प्रदेश में जब संतोष वर्मा के द्वारा ब्राह्मण बेटियों का अपमान किया गया था तब कांग्रेस के नेताओं की जुवान पर ताला लगा था और जैसे ही विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की 'औकात' को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने ललकारा तो कांग्रेस की जुवान पर पड़ा ताला खुल गया और आदिवासी अपमान के नाम पर प्रदेश भर में मुद्दा बनाने का ऐलान कर दिया। गौरतलब है कि गुरुवार को विधानसभा में उस समय असहज स्थिति बन गई जब अदाणी का नाम लिए जाने पर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय क्रोधित हो गए और उन्होंने उमंग सिंघार को कह दिया कि 'औकात' में रहो। हांलांकि इस मामले में सीएम मोहन यादव ने भाजपा की तरफ से माफी मांगी लेकिन कांग्रेस इस मामले को सभी आदिवासी बाहुल क्षेत्र में ले जाकर यह साबित करने की कोशिश कर रही है कि भाजपा की तरफ से जान बूझ कर अपमानित किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं की तरफ से मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बंगले का घेराव भी किया गया लेकिन कांग्रेस इस मामले में अब राजनीतिक रोटियां सेंकने में लग गई है। लेकिन सवाल इस बात का उठता है कि जब इसी प्रदेश में ब्राह्मणों का और सामान्य वर्ग का अपमान किया जाता है तो कांग्रेस के नेता चुप रहते हैं जैसे उनके कान तक आवाज ही नहीं गई। कांग्रेस की मानसिकता साफ है कि ब्राह्मण सहित सभी सामान्य वर्ग को छोड़ो और आदिवासी,दलित को साधो वहीं सरकार में वापसी करवाएंगे लेकिन कांग्रेस को यह नहीं मालूम की हकीकत इससे कोसों दूर है।
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