बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने अब तक अपनी लोकसभा टीम में दिलचस्पी नहीं दिखाई जिसके बल पर बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में क्लीन स्वीप किया
साल 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रदेश संयोजक के दायित्व का सफलता पूर्वक निर्वहन करने वाले वर्तमान बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से उनकी टीम को काफी अपेक्षाएं हैं। दरअसल बीजेपी अध्यक्ष खंडेलवाल सियासत के एक मंझे हुए खिलाड़ी हैं और उन्हें यह बारीकी से मालूम है कि एक मजबूत टीम किसी भी कठिन चुनौती का सामना कर सकती है। अब तक पर्दे के पीछे से रणनीति बनाने वाले हेमंत खंडेलवाल भाजपा में अलग-अलग दायित्यों का निर्वहन कर चुके हैं। हेमंत खंडेलवाल को जब लोकसभा चुनाव में प्रदेश संयोजक बनाया गया तो उन्होंने मध्य प्रदेश में पहली बार क्लीन स्वीप करके यह बता दिया कि चुनाव प्रबंधन का काम उन्हें आता है। और शायद उनकी इसी सफलता का फल भी केन्द्रीय नेतृत्व ने अध्यक्ष बना कर दिया है। लेकिन यहां पर उनकी चुनौतियां कम नहीं हैं। कप्तान कितना भी अच्छा हो लेकिन जब तक उसके खिलाड़ी अच्छे नहीं होंगे तो कितनी भी रणनीति बना लो मैच में जीत हासिल नहीं की जा सकती है। लोकसभा चुनाव में क्लीनस्वीप का लाभ हेमंत खंडेलवाल को अध्यक्ष के रुप में मिला लेकिन उनकी टीम के साथियों के हाथ अब तक खाली हैं। लिहाजा लोकसभा संयोजक कमेटी के अन्य सदस्य अब यह आस लगाए बैठे हैं कि उनके कप्तान संगठन अथवा निगम-मंडल में उनके लिए स्थान जरुर बनाएंगे। इस बात का अहसास बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को भी होगा कि कोई भी काम अकेले बल पर नहीं होता लिहाजा जिस टीम के बल पर उन्होंने सफलता की सीढ़ियां चढ़ी हैं तो उस टीम के सदस्यों को भी पद देकर उपक्रित करना जरुरी है। अन्यथा भविष्य के चुनावों में इसके विपरीत परिणाम मिल सकते हैं। बीजेपी में अब मोर्चा और प्रकोष्ठों की कार्यकारिणी की लगातार घोषणा हो रही है लेकिन उन कमेटियों में उन चेहरों के नामों को स्थान नहीं मिला है जो हेमंत खंडेलवाल की टीम में थे। शैलेन्द्र बरुआ के नेतृत्व में प्रदेश कार्यालय में लगातार बैठकें हो रही हैं गुपचुप तरीके से रायशुमारी भी हो रही है लेकिन हेमंत खंडेलवाल की लोकसभा टीम के सदस्यों को अब तक दायित्व विहीन रखने से उनकी पूरी टीम में मायूसी का आलम है। भाजपा के कार्यकर्ताओं की खूबी है कि वो पार्टी के लिए लगातार काम करना चाहते हैं। और काम करने के लिए उन्हें उचित मंच पार्टी दे तभी वो अपनी क्षमता दिखा सकते हैं। लिहाजा अब हेमंत खंडेलवाल बीजेपी के अध्यक्ष हैं तो उनकी लोकसभा टीम लगातार उनसे आशाएं और उम्मीद लेकर बैठी है कि आज नहीं तो कल उनके कप्तान उन्हें जरुर याद करेंगे और उन्हें एक बार फिर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका देंगे।
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